नई दिल्ली, 2 अगस्त | इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की गवर्निग काउंसिल की बैठक रविवार को होगी। सभी आठों फ्रेंचाइजियां इस बैठक में लिए जाने वाले फैसलों का इंतजार कर रही हैं ताकि वह यूएई जाने की तैयारियों को अंतिम रूप दे सकें। कोरोनावायरस महामारी के कारण इस साल आईपीएल के 13वें सीजन का आयोजन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में होगा।

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आईपीएल के चेयरमैन बृजेश पटेल ने पहले ही कह दिया है कि इस बैठक में लीग से संबंधित सभी छोटे-बड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। वहीं फ्रेंचाइजियों ने आईएएनएस से कहा है कि चार अहम मुद्दे- टूर्नामेंट को लेकर आधिकारिक पुष्टि और कार्यक्रम, कोरोनावायरस के कारण लागू की जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता और अंत में व्यवस्थात्मक रणनीति जिसमें परिवार को ले जाने पर चर्चा भी शामिल हैं, पर उनका फोकस है।

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टूर्नामेंट और इसके कार्यक्रम पर पुष्टि

ऐसी खबरें हैं कि बीसीसीआई सरकार से लीग की यूएई में मेजबानी को लेकर इजाजत मांग रही है और जरूरी मंजूरी भी ले रही है, कुछ फ्रेंचाइजियां वीजा और यातायात संबंधी रणनीति बनाने से पहले अंतिम फैसले का इंतजार कर रही हैं। साथ ही लीग की विंडो के बढ़ने को लेकर भी चर्चा है।

फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने कहा, "हमें टूर्नामेंट को लेकर अंतिम फैसले का इंतजार है। इसके बाद हम वीजा का काम करेंगे। हमें यह समझना होगा कि इस समय हमें किस कैटेगरी में वीजा के लिए अप्लाई करना होगा। इस संबंध में बीसीसीआई को हमारा मार्गदर्शन करना होगा।"

एक और अधिकारी ने कहा कि कुछ खबरें हैं कि तारीखें बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा, "हमने शुरुआत में पढ़ा था कि 19 सितंबर से आठ नवंबर के बीच आईपीएल होगा, लेकिन ऐसी भी खबरें हैं कि फाइनल 10 नवंबर को हो सकता है। इसलिए हमें स्पष्टता चाहिए होगी कि हम कितने दिन मैच खेलेंगे और किन मैदानों पर खेलेंगे।"

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मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी)

कोरोनावायरस को लेकर टीमों को क्या करना है और क्या नहीं इसे लेकर साफ गाइडलाइंस चाहिए।

अधिकारी ने कहा, "हमें इसे लेकर स्पष्टता चाहिए की बायो बबल में क्या कर सकते हैं और क्या नहीं। क्या होटल में एक या उससे ज्यादा टीम होगी। अगर खिलाड़ी बाहर खाने के लिए जाते हैं तो कैसा क्या करना है? क्या इसके लिए अलग टीमें होंगी? साथ ही अगर किसी को मजबूरी में बायो-बबल से बाहर जाना पड़ा तो वापसी की क्या प्रक्रिया होगी और अगर कोई चोटिल खिलाड़ी का स्थान लेना है तो दूसरा खिलाड़ी टीम में कैसे आएगा? क्या फिर इसके बाद उसे क्वारंटीन में जाना होगा जबकि यूएई के नियम रिपोर्ट निगेटिव आने पर क्वारंटीन नहीं करते हैं।

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उन्होंने कहा, "हमारे कुछ सवाल हैं, उम्मीद है कि गवर्निग काउंसिल की बैठक के बाद हमें इस संबंध में जवाब मिल जाए। साथ ही क्या बीसीसीआई की मेडिकल टीम अंतिम फैसला लेगी या फ्रेंचाइजी की मेडिकल टीमें इनचार्ज में रहेंगी।"

विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता

इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के बीच सीरीज संभवत: खेली जाएगी जो 15 सितंबर को खत्म होगी। वेस्टइंडीज के अलावा कुछ और विदेशी खिलाड़ी कैरिबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में 10 सितंबर तक व्यस्त रहेंगे। यह भी नहीं भूलना चाहिए कि दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों की अपनी अलग समस्या है, क्योंकि वहां कोरोनावायरस के मामले बढ़ रहे हैं, जिसके कारण सरकार ने विमान यातायात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसलिए फ्रेंचाइजियों को इस मुद्दे पर सफाई चाहिए।

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अधिकारी ने कहा, "क्या आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाड़ी पहले राउंड में नहीं होंगे क्योंकि वह ग्रेट ब्रिटेन से सीधे दुबई आएंगे। सीपीएल से आ रहे खिलाड़ियों का क्या होगा? क्या उनको अलग तरीके से संभाला जाएगा? लेकिन सबसे अहम हमें दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों को लेकर स्थिति पर नजर रखनी है, क्योंकि सभी फ्रेंचाइजियों के खिलाड़ी वहां से आएंगे। हमारी उन्हें चार्टड प्लान से यूएई ले जाने को लेकर अनाधिकारिक चर्चा हुई है, लेकिन अंतिम फैसला बीसीसी के आदेश पर निर्भर है।"

परिवारों के लिए रणनीति

फ्रेंचाइजी इस बात को मानती हैं कि खिलाड़ियों का परिवार छोटे समय के लिए वहां होना चाहिए। पांच फ्रेंचाइजियों ने आईएएनएस से कहा है कि यह खिलाड़ियों को देखते हुए काफी जरूरी है।

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उन्होंने कहा, "हमें बताया गया है कि आठ टीमों में हर टीम के साथ जो लोग होंगे, उनकी संख्या तय है। लेकिन हम बीसीसीआई से सुनना चाहते हैं कि क्या खिलाड़ियों के साथ उनकी पत्नियां या प्रेमिकाएं जा सकती हैं या नहीं, क्योंकि होटल के बाहर जाने का विकल्प उनके पास नहीं होगा।"

उन्होंने कहा, "साथ ही हमें एक टीम में कुल कितने लोग ले जाने की मंजूरी होगी, इस पर भी स्पष्टीकरण चाहिए क्योंकि आपको नेट गेंदबाजों की जरूरत होती है। अगर यूएई मेजबान होने के नाते ट्रेनिंग कराने वाले लोग मुहैया कराती है और सदस्यों को लेकर हम किस तरह से नीति बनाएं-इस तरह की चीजों को लेकर हमें कल स्पष्टीकरण चाहिए।"
 

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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