पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है। क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक सचिन तेंदुलकर अपने पूरे करियर में एक भी तिहरा शतक नहीं लगा पाए थे। सचिन ने अपने इतने लंबे टेस्ट करियर में केवल 6 दोहरे शतक लगाए शायद इस बात का मलाल खुद तेंदुलकर को भी होगा।

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इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव के उस बयान के बारे में बताएंगे जब उन्होंने इसी बात को लेकर सचिन पर सवाल उठाए थे। यह बात काफी पुरानी है। कपिल देव ने डब्लू वी रमन से बातचीत के दौरान सचिन के बड़ी-बड़ी मेराथन पारियां ना खेल पाने के पीछे रोचक वजह बताई थी।

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कपिल देव ने कहा था, 'मैंने सचिन जितना टैलेंट किसी बल्लेबाज में नहीं देखा, लेकिन वह कभी खतरनाक बल्लेबाज नहीं बन सके। सचिन के पास सबकुछ था, लेकिन इसके बावजूद वह अपने शतक को दोहरे शतक या तीहरे शतक में तब्दील नहीं कर सके थे। मेरे हिसाब से इसका कारण मुंबई क्रिकेट की सांस्कृतिक सोच है।'

कपिल देव ने कहा, 'सचिन मुंबई से आते हैं ऐसे में शतक बनाने के बाद उनकी सोच या मनोदशा ऐसी होती थी कि फिर से शून्य से शुरुआत करो। शतक के बाद गेंदबाज आपसे भयभीत होना चाहिए लेकिन शतक पूरा करने के बाद सचिन सिंगल्स लेने और पारी को फिर से सजाने-संवारने में जुट जाते थे।'

बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैचों में 53.79 की औसत से 15921 रन बनाये वहीं उन्होंने 463 वनडे मैचों में 44.83 की औसत से व 86.24 की शानदार स्ट्राइक रेट के साथ 18426 रन बनाये थे। सचिन के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक हैं उन्होंने टेस्ट में 51 तो वनडे क्रिकेट में 49 शतक लगाए थे।

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Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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