भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने क्रिकेट करियर से हटकर मैदान के बाहर युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए भी जाने जाते है।

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लेकिन साल 2020 में हुआ आईपीएल का 20वां सीजन सीएसके के लिए बिल्कुल सही नहीं रहा था और टीम पहली बार प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकामयाब रही थी। सीनियर खिलाड़ियों के लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्हें मौका देना और युवा खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने से उस साल धोनी की काफी आलोचना भी हुई थी।

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धोनी ने तब एक मैच के बाद बयान देते हुए कहा था कि टीम के युवा खिलाड़ियों के अंदर उन्हें स्पार्क नहीं दिखता है।

सीएसके के कप्तान ने तब बयान देते हुए कहा था," यह कहना गलत नहीं होगा कि इस सीजन हम अच्छा खेल नहीं दिखा पाए। हो सकता है कुछ युवा खिलाड़ियों में हमें स्पार्क नहीं दिखता है। हो सकता है कि आगे के मैचों में हम उन्हें टीम में शामिल करें और वो बिना दबाव के खेलें।"

लेकिन अब चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में शामिल युवा विकेटकीपर बल्लेबाज एन जगदीसन ने धोनी के स्पार्क वाले कमेंट का बचाव किया है और थाला का पक्ष लेते हुए कहा है कि प्रेस और मीडिया ने उनकी बातों का गलत मतलब निकाला।

जगदीसन ने कहा," धोनी ने जो भी कहा प्रेस ने उसका गलत मतलब निकाला। वो किसी युवा के लिए नहीं था। रूतू और मैंने अच्छा प्रदर्शन किया था। लोगों को ये चीज समझ नहीं आती की वो ऐसे है जो पूरी टीम का मनोबल बढ़ाने का काम करते हैं, सीनियर खिलाड़ियों का भी।"

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आगे बात करते हुए जगदीसन ने कहा कि जब टीम में ऐसे लेजेंड होते है तो आप सब पर उंगली नहीं उठा सकते। बड़े खिलाड़ियों को भी कोई बैक करने वाला चाहिए। उन्होंने कहा कि धोनी के उस बयान के बाद हमने और पूरी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।

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Shubham Shah
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