वर्ल्ड कप के इतिहास में कई ऐसी पारियां खेली गई है  जो क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गई। ऐसी ही एक अतुल्नीय पारी न्यूजीलैंड के रॉस टेलर ने 2011 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेली जो न सिर्फ रॉस टेलर के लिए उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक थी बल्कि वर्ल्ड कप के इतिहास में रॉस टेलर की इस पारी को महान पारियों में गिना जाता है। वर्ल्ड कप में खेली गई इस पारी ने उन्हें न्यूजीलैंड की टीम और क्रिकेट की दुनिया में नहीं पहचान दी। 

न्यूजीलैंड की टीम केन्या औऱ जिम्बाब्वें को हराकर शानदार तरीके से वर्ल्ड कप में अपने अभियान को आगे बढ़ा रही थी पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार ने न्यूजीलैंड के लिए क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों पर पानी फेरना शुरू कर दिया था । वर्ल्ड कप में अपनी उम्मीद जिंदा रखने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले अगले मैच में जीत किसी भी कीमत पर जरूरी थी। 

8 मार्च 2011 को पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल धीमी शुरूआत करी और 25 ओवर में 2 विकेट खोकर केवल 99 रन ही बना पाई थी। रॉस टेलर के लिए 8 मार्च 2011 का दिन उनके खेल को एक नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने वाला था । जिस वक्त रॉस टेलर बल्लेबाजी करने आए उस समय तक न्यूजीलैंड टीम की पारी पाकिस्तानी वर्ल्ड क्लास तेज गेंदबाजी अटैक के सामने लड़खड़ाई हुई थी। न्यूजीलैंड का स्कोर  13 ओवर में 2 विकेट पर 55 रन था और यह बल्लेबाजी करने आए रॉस टेलर के लिए आदर्श समय नहीं था। ऐसे में पाकिस्तान के कप्तान शाहिद अफरीदी ने रॉस टेलर के ऊपर दबाव की दीवार खड़ी करने के ईरादे से गेंद अपने सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के हाथों में थमाई। शोएब अख्तर की पहली 3 गेंद पर रॉस टेलर बेहद ही अनियंत्रित नजर आए,यहां तक की पहली दो गेंद पर रॉस टेलर आउट होने से बाल– बाल बचे थे। 

रॉस टेलर ने फिर अपनी पारी के साथ – साथ न्यूजीलैंड की पारी को अंजाम तक पहुंचाने में कटिबद्धता के साथ संभल कर बल्लेबाजी करना चालू रखा, पर पाकिस्तान के गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर रन बनानें की आजादी बिल्कुल नहीं दी। जिसके कारण 43 ओवर तक न्यूजीलैंड की टीम का स्कोर 5 विकेट खोकर केवल 180 रन था। 

44वें ओवर से रॉस टेलर ने नैथन मैक्मिलन के साथ न्यूजीलैंड टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए बड़े स्ट्रोक लगाने शुरू कर दिए । पॉवर प्ले में नैथन मैक्मिलन और रॉस टेलर ने 3 सिक्स लगाकर अपने ईरादे पाकिस्तानी गेंदबाजी अटैक के सामने जगजाहिर कर दिए। लगभग 3 ओवर के बाद जब नैथन मैक्मिलन आउट होकर पवेलियन पहुंचे तो न्यूजीलैंड का स्कोर 210 रन पर 6 विकेट था। मैक्मिलन के आउट होने के बाद रॉस टेलर ने वनडे क्रिकेट में एक ऐसी पारी खेलने का आगाज किया जिससे ना सिर्फ पाकिस्तानी गेंदबाज हताहत हो गए ब्लकि वहां मौजूद क्रिकेट प्रसंशकों से लेकर क्रिकेट पंडित के आंखों के सामने क्रिकेट वर्ल्ड कप में एक महान पारी की पटकथा तैयार होने लगी थी ।

रॉस टेलर ने पाकिस्तान के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाज शोएब अख्तर की गेंदबाजी की जो दिशा बिगाड़ी उससे पाकिस्तान की टीम के दूसरे गेंदबाजों के ऊपर हताशा ने घर कर लिया था ।

अख्तर के ओवर में रॉस टेलर ने 2 चौके और 3 छक्के जड़कर शोएब अख्तर की गेंदबाजी की कमर तोड़ दी। रॉस टेलर के इस धमाके का अनुमान किसी ने नहीं लगाया था । इसी बीच रॉस टेलर ने अपना शतक भी पूरा किया। टेलर ने शोएब अख्तर के एक ओवर में 28 रन लेकर न्यूजीलैंड के स्कोर को बड़ी तेजी से 250 के करीब पहुंचा दिया।

अगला ओवर करने के लिए अफरीदी ने अब्दुल रहमान को गेंद थमाई पर रहमान के ओवर से न्यूजीलैंड की टीम ने 15 रन बटोर लिए। शाहिद अफरीदी न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों खासकर रॉस टेलर की आतिशबाजी से बिल्कुल असहाय नजर आने लगे। 49 वां ओवर करने के लिए अफरीदी ने अब्दुल रज्जाक को गेंद थमाई। अब्दुल रज्जाक की इस ओवर ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने जो रनों का अंबार लगाया उससे 2011 वर्ल्ड कप में सबसे महंगे ओवर के रूप में रिकॉर्ड कर लिया गया। रज्जाक ने अपने ओवर में 30 रन लूटा दिए जिससे न्यूजीलैंड की टीम 300 रन की ओर बढ़ने लगी। अंतिम ओवर के लिए अफरीदी ने एक बार फिर से अब्दुल रहमान को करने को कहा, हालांकि अब्दुल रज्जाक के ओवर की तुलना में रहमान ने कुछ कम रन दिए पर न्यूजीलैंड बल्लेबाजों ने 19 रन बटोरे जो किसी भी लिहाज में कम न था।

बेहद ही हैरतंगेज तरीके से न्यूजीलैंड की टीम जहां 4 ओवर पहले 210 रन पर थी तो वहीं 50 ओवर पूरे होने पर आश्चर्यजनक ढंग से 302 रन पर पहुंच गई थी । अंतिम के 4 ओवरों में न्यूजीलैंड की टीम ने ताबड़तोड़ 92 रन बटोरे थे । रॉस टेलर उस समय के अपने वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ 131 रन बनाकर नॉट आउट पवेलियन लौटे। 131 रन की इस पारी में रॉस टेलर ने 7 छक्के और 8 चौके लगाए थे। 

“इस पारी के बाद - रॉस टेलर ने कहा था कि “शुरूआत में मुझे मेरी किस्मत का सहारा मिला, शुरूआत के 50 – 60 गेंद पर मुझे बल्लेबाजी करने में संघर्ष करना पड़ रहा था। मुझे लग रहा था कि मैं 25 से 30 गेंद के अंदर आउट हो सकता हूं, कठीन परिस्थति से बाहर आकर ऐसी पारी खेलकर टीम को जीताना मेरी पारी को बेहद यादगार बना देता है और खासकर मेरे जन्मदिन पर ऐसी पारी खेलना, मेरे लिए वह दिन बेहद यादगार था”।

303 रनों का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम अपने पस्त हुए हौसले से ऊबर नहीं पाई जिसका असर पाकिस्तान की पारी में दिखा। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने अत्मविश्वास के साथ गेंदबाजी करके पाकिस्तान की पूरी टीम को 192 रनों पर समेटकर शानदार जीत अपने झोली में डाल ली। 

न्यूजीलैंड के हर एक गेंदबाज ने अपना योगदान विकेट लेने में दिया और टीम साउदी (3),स्कॉट स्टायरिश(2),कायल मिल्स(2),नैथन मैक्मिलन(2) औऱ जैकव ओरम(1) ने आपस में पाकिस्तान के 10 विकेट बांटे।

पाकिस्तान के तरफ से सिर्फ अब्दुल रज्जाक ही न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का सामना कर पाए थे,रज्जाक ने 62 रन की पारी खेली। पाकिस्तान के ऊपर 110 रन की बेजोड़ जीत दर्ज कर न्यूजीलैंड की टीम वर्ल्ड कप 2011 के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया था । बिना किसी झिझक के रॉस टेलर को उनके 27वें जन्मदिन की बधाईयों के साथ प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।

"मैच के बाद पाकिस्तान के कोच वकार यूनिस ने कहा कि “रॉस टेलर का कैच छोड़ना मंहगा साबित हुआ , रॉस टेलर जैसे बल्लेबाज को 3 गेंद पर 2 बार मौका देना पाकिस्तानी टीम को इसका हिसाब उनकी धमाकेदार पारी से चुकाना पड़ा।“

 

विशाल भगत/CRICKETNMORE

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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