नई दिल्ली, 20 मार्च | पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान शाहिद अफरीदी का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने से पाकिस्तान के युवा खिलाड़ियों को फायदा होगा, जिससे राष्ट्रीय टीम को भी फायदा होगा। अफरीदी ने कई ऐसे खिलाड़ियों के नाम बताए जो पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के पहले संस्करण में अच्छा करने के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दबाव का सामना नहीं कर पाए।

अफरीदी ने कहा, "बेशक, आपको घरेलू क्रिकेट का स्तर बढ़ाना होगा। कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो पीएसएल में और पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भीड़ के सामने दबाव में आ जाते हैं।"

उन्होंने कहा, "अगर आप भारत (आईपीएल) को देखेंगे तो एक नया खिलाड़ी आता है और भीड़ के सामने खेलता है,ड्रेसिंग रूम में बड़े नामों के बीच में रहता है उसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दबाव महसूस नहीं होता। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट पूरी तरह दबाव और उससे बाहर निकलने का खेल है।" अफरीदी ने कहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को नई सोच अपनाना और जमीनी स्तर पर खेल को बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "क्रिकेट काफी आधुनिक हो गया है। हमारे बोर्ड और प्रबंधन को इसके बारे में सोचना चाहिए। उन्हें पुरानी सोच को पीछे छोड़कर नए लोगों को नई सोच को अपनाना चाहिए। जब तक आपकी स्कूल स्तर पर क्रिकेट अच्छी नहीं होगी तब तक देश में अच्छी प्रतिभा नहीं आएगी। स्कूल क्रिकेट खत्म हो रही है।

मैं जब स्कूल जाता था तब मेरे पिताजी सोचते थे कि मैं इंजीनियर या डॉक्टर बनूंगा लेकिन क्रिकेट के प्रति मेरे अंदर जुनून था और स्कूल में मेरे पास मौका था इसलिए मैं क्रिकेट में हूं।"

अफरीदी ने कहा, "पहले मैदान हुआ करते थे लेकिन अब स्कूल एक व्यवसाय बन गया है। खेल स्कूलों में से खत्म हो गए हैं। अगर आपको खिलाड़ी बनना है तो आपको स्कूल से शुरू करना होगा। हमें अपनी सोच बदल कर सुविघाओं पर ध्यान देना होगा। एक क्रिकेट अकादमी के रहते हमें आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड को हराने का नहीं सोचना चाहिए। हो सकता है आपके दिन आप उन्हें हरा दो लेकिन जब तक आपकी बुनियाद अच्छी नहीं होगी तो आप लगतार ऐसा नहीं कर सकते।"

एजेंसी

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
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