मोहाली टी-20 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद टीम इंडिया की काफी आलोचना की जा रही है। इस मैच में भारत की तेज गेंदबाजी एक बार फिर से एक्सपोज़ हो गई। रोहित शर्मा को जिन दो तेज़ गेंदबाजों पर भरोसा था उन्होंने ही भारत की लुटिया डूबोने का काम किया। हम बात कर रहे हैं भुवनेश्वर कुमार और वापसी करने वाले हर्षल पटेल की जिन्होंने आठ ओवरों में 101 रन लुटवा दिए। इसके साथ ही भारतीय फील्डर्स ने भी कई कैच छोड़ दिए जिसके चलते भारत को हार का मुंह देखना पड़ा।
शास्त्री, जो अक्सर भारतीय टीम की तारीफ करते हुए नहीं थकते थे वो भी टीम इंडिया पर भड़क उठे हैं। शास्त्री ने टीम इंडिया को लताड़ लगाते हुए कहा है कि अगर भारत को शीर्ष टीमों को हराना है तो उन्हें कुछ कठोर बदलाव करने की जरूरत है। शास्त्री ने कहा है कि इस टीम में वो ज़ज्बा नहीं दिख रहा है जो पुरानी भारतीय टीम में दिखने को मिला था।
शास्त्री ने पहले टी20 के दौरान ऑन एयर कहा, "अगर आप पिछले कुछ वर्षों में सभी शीर्ष भारतीय टीमों को देखें, तो उन टीमों में युवा और अनुभव का मिश्रण है। मुझे यहां युवा गायब दिख रहे हैं और इसलिए क्षेत्ररक्षण में भी इसका असर दिख रहा है। यदि आप पिछले पांच-छह वर्षों में क्षेत्ररक्षण को देखें, तो मुझे लगता है कि इस टीम का कोई मुकाबला नहीं होता है। इसका मतलब है कि एक बल्लेबाजी टीम के रूप में आपको 15-20 रन ज्यादा मिल जाते हैं, प्रतिभा कहां है? जडेजा नहीं है। वो एक्स-फैक्टर कहां है?"
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आगे बोलते हुए उन्होंने कहा, "आज मैं जिस चीज से निराश था, वो क्षेत्ररक्षण का मानक था। मेरा मतलब है, फील्डिंग थोड़ी बेहतर हो सकती थी और मुझे लगता है कि जब क्षेत्ररक्षण की बात आती है तो आपको बड़ी प्रतियोगिताओं में बड़ी टीमों को हराने की जरूरत होती है और ऐसे में फील्डिंग का रोल अहम होता है।"