पहली बार दिल्ली कैपिटल्स की कमान संभालेंगी जेमिमा, बताया कैसे बनाएंगी मैदान पर योजना
मंगलवार को प्री-सीजन प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएएनएस के एक सवाल के जवाब में जेमिमा ने कहा, "मुझे अपनी तैयारी करना पसंद है, चाहे वह वीडियो देखना हो। बल्लेबाजी में, आप उतनी योजना नहीं बना सकते क्योंकि यह गेंदबाज की रणनीति पर निर्भर करता है, लेकिन मैं जानना चाहती हूं कि सभी गेंदबाजों के तरकश में क्या है। क्या उनके पास स्लो बॉल, बाउंसर या यॉर्कर हैं? मुझे उन सभी चीजों का विश्लेषण करना पसंद है और मैदान पर उतरने के बाद बस प्रतिक्रिया देना पसंद है।"
उन्होंने कहा, "मुझे तैयारी करना पसंद है। बतौर कप्तान भी ऐसा ही है। मुझे लगता है कि हर खेल के लिए उन विश्लेषणों का होना महत्वपूर्ण है। एक बार जब मैं मैदान पर कदम रखती हूं, तो अपनी सहज प्रवृत्ति को हावी होने देती हूं। मुझे लगता है कि कभी-कभी आपको अपने सहज बोध पर भरोसा करना होता है और जो सही है उसके साथ जाना होता है। आपके फैसले सही हो सकते हैं, या सही नहीं भी हो सकते हैं, लेकिन यह जानना जरूरी है कि मैंने जो किया वह सही इरादे से किया था।"
जेमिमा ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली कैपिटल्स का कप्तान बनने के बाद भी उनका स्वाभाविक अंदाज और जिंदादिल पर्सनैलिटी नहीं बदलेगी।
उन्होंने कहा, "सबसे पहले, मेरी पर्सनैलिटी ज्यादा नहीं बदलेगी, लेकिन अगर आपने ध्यान दिया हो, तो जब भी मैं मैदान पर कदम रखती हूं, मैं अपने जोन में चली जाती हूं, चाहे मैं बैटिंग कर रही हूं या फील्डिंग। भारतीय टीम में, मेरी जिम्मेदारी यह भी सुनिश्चित करना था कि सही फील्डर सही जगह पर और सही एंगल पर हों। मैंने कई सालों तक मुंबई की कप्तानी भी की है। ऐसे में मुझे लगता है कि मेरी कप्तानी ज्यादा शांत स्वभाव की होगी। लेकिन साथ ही, मुझे थोड़ा और आक्रामक तरीके से सोचना पसंद है। यह मेरी व्यक्तित्व का एक हिस्सा है। मुझे नहीं लगता कि मैं अपना व्यक्तित्व या अंदाज बदलूंगी। मैं बस ज्यादा फैसले लेने में थोड़ी और शामिल रहूंगी।”
जेमिमा ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली कैपिटल्स का कप्तान बनने के बाद भी उनका स्वाभाविक अंदाज और जिंदादिल पर्सनैलिटी नहीं बदलेगी।
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उन्होंने कहा, "एक बात जो मैंने सीखी है वह यह है कि हर किसी की कप्तानी का एक अलग स्टाइल होता है। मुझे लगता है कि मेरी सबसे बड़ी सीख अपना खुद का स्टाइल ढूंढना होगा। लेकिन साथ ही, मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। जैसे हैरी दी (हरमनप्रीत कौर) ज्यादा आक्रामक कप्तान हैं। वह जो कुछ भी हो रहा है उसमें शामिल होना चाहती हैं, और वह आगे बढ़कर लीड करना चाहती हैं, खासकर बड़े स्टेज पर। स्मृति से मैंने शांत रहना सीखा है। वह अपनी प्लानिंग और अपने फैसलों को लेकर बहुत रणनीतिक हैं। वह बहुत स्मार्ट क्रिकेटर हैं। उनके पास प्लान तैयार होते हैं। लेकिन साथ ही, वह बहुत शांत हैं, और वह अपने बॉलर्स को अच्छी तरह समझती हैं।"