Gujarat Titans: मुंबई इंडियंस (एमआई) की तरफ से खेलते हुए सोमवार को तिलक वर्मा ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपना पहला शतक लगाया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में तिलक ने गुजरात टाइटंस (जीटी) के विरुद्ध 45 गेंदों में 7 छक्कों और 8 चौकों के साथ नाबाद 101 रन की पारी खेली।
इस पारी में तिलक वर्मा ने शुरुआती 22 गेंदों में महज 19 रन बनाए थे। इसके बाद अगली 23 गेंदों में 82 रन कूटे। डेथ ओवर्स में तिलक ने 18 गेंदों का सामना करते हुए 65 रन बनाए।
तिलक वर्मा ने 45 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इसी के साथ वह आईपीएल इतिहास में मुंबई इंडियंस की तरफ से सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर पहुंच गए। उन्होंने इस मामले में सनथ जयसूर्या (बनाम चेन्नई सुपर किंग्स, 2008) की बराबरी कर ली। तिलक वर्मा गुजरात टाइटंस के विरुद्ध शतक लगाने वाले मुंबई इंडियंस के दूसरे खिलाड़ी हैं। तिलक से पहले सूर्यकुमार यादव ने साल 2023 में यह कारनामा किया था।
आईपीएल 2026 के शुरुआती 5 मुकाबलों में तिलक ने फैंस को निराश किया था। कोलकाता नाइट राइडर्स के विरुद्ध 20 रन की पारी खेलने के बाद तिलक दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खाता तक नहीं खोल सके थे। इसके बाद उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के विरुद्ध 14 रन और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 1 रन की पारी खेली। पंजाब किंग्स के खिलाफ इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने महज 8 रन जुटाए थे। हालांकि, इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ नाबाद शतकीय पारी खेलकर तिलक ने आलोचकों को जवाब दिया।
तिलक वर्मा इस सीजन के शुरुआती 6 मुकाबलों में 28.80 की औसत के साथ कुल 144 रन बना चुके हैं। पिछले सीजन उनके बल्ले से 16 मुकाबलों में 31.18 की औसत के साथ 343 रन निकले थे। साल 2024 में उन्होंने 41.60 की औसत के साथ 416 रन जोड़े थे। तिलक आईपीएल इतिहास के सभी 60 मैच मुंबई इंडियंस की तरफ से खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 8 अर्धशतकों की मदद से 1,643 रन बनाए हैं।
नंबूरी ठाकुर तिलक वर्मा का जन्म 8 नवंबर 2002 को हैदराबाद के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। तिलक के पिता बीएचईएल (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) में इलेक्ट्रिशियन हैं। बचपन में तिलक बीएचईएल क्वार्टर में पले-बढ़े।
11 साल की उम्र में तिलक ने क्रिकेट खेलना शुरू किया। पिता चाहते थे कि उनके दोनों बेटे डॉक्टर बनें, लेकिन बड़े बेटे तरुण ने बैडमिंटन की ओर रुख किया और तिलक को क्रिकेट से प्यार हो गया।
एक दिन तिलक ने पिता से कहा कि अगर वह डॉक्टर बनेंगे, तो सिर्फ करीबी लोग ही उन्हें जानेंगे, लेकिन अगर क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे, तो पूरी दुनिया पहचानेगी। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद पिता ने बच्चों की जरूरत पूरी करने के लिए कड़ी मेहनत की।
11 साल की उम्र में तिलक अपना खेल निखारने के लिए सलोना चले गए थे, जहां उन्हें कोच सलाम बयाश का मार्गदर्शन मिला। कोच ने ही उन्हें बीएचईएल से लाने और ले जाने का जिम्मा संभाला।
साल 2019 में तिलक वर्मा ने फर्स्ट क्लास और लिस्ट-ए क्रिकेट में डेब्यू किया। साल 2022 में उन्हें पहली बार आईपीएल खेलने का मौका मिला, जिसमें 14 मुकाबलों में 36.09 की औसत के साथ 397 रन बनाए। अगले सीजन उनके बल्ले से 42.87 की औसत के साथ 343 रन निकले।
अगस्त 2023 में तिलक वर्मा को भारत की टी20 टीम में जगह मिली। सितंबर 2023 में उन्हें वनडे टीमे में डेब्यू का मौका भी मिल गया। एशिया कप 2025 में तिलक वर्मा सर्वाधिक रन बनाने के मामले में चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने 7 पारियों में 71 की औसत के साथ 213 रन जोड़े। फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ 53 गेंदों में 7 बाउंड्री के साथ 69 रन की नाबाद पारी खेलकर तिलक रातों-रात स्टार बन गए। उनकी इस शानदार पारी के साथ भारत ने 5 विकेट से खिताबी मैच अपने नाम किया था।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में तिलक वर्मा सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची में छठे पायदान पर रहे, जिन्होंने 9 मुकाबलों में 29.57 की औसत के साथ 207 रन जुटाए। इस दौरान जिम्बाब्वे के विरुद्ध 44 रन की नाबाद पारी भी खेली।
अगस्त 2023 में तिलक वर्मा को भारत की टी20 टीम में जगह मिली। सितंबर 2023 में उन्हें वनडे टीमे में डेब्यू का मौका भी मिल गया। एशिया कप 2025 में तिलक वर्मा सर्वाधिक रन बनाने के मामले में चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने 7 पारियों में 71 की औसत के साथ 213 रन जोड़े। फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ 53 गेंदों में 7 बाउंड्री के साथ 69 रन की नाबाद पारी खेलकर तिलक रातों-रात स्टार बन गए। उनकी इस शानदार पारी के साथ भारत ने 5 विकेट से खिताबी मैच अपने नाम किया था।
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तिलक वर्मा भारत की टी20 टीम में मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज साबित हो सकते हैं। वह स्पिन और तेज गेंदबाजों दोनों के खिलाफ तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। जरूरत पड़ने पर पारी संभाल सकते हैं और अंत में बड़े शॉट भी लगा सकते हैं। तिलक की बल्लेबाजी टीम को संतुलन देती है। साथ ही वह पार्ट-टाइम गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग से भी टीम के लिए अतिरिक्त विकल्प साबित हो सकते हैं।