भारतीय क्रिकेट में हमेशा से स्पिन गेंदबाजों का बोलबाला रहा है जिससे भारत में तेज गेंदबाज के रिकॉर्ड भारतीय स्पिन गेंदबाजों के सामने फीके पड़ जाते हैं। यही कारण है कि कपिल देव के बाद कोई और दूसरा तेज गेंदबाज क्रिकेट प्रेमियों को ज्यादा याद नहीं रहते। लेकिन इन सबके बावजूद भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे तेज गेंदबाज हुए हैं जिन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से बल्लेबाजों के छक्के छुड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। आईए हम बात करते हैं उन 5 भारतीय तेज गेंदबाजों के बारे में जिन्होंने अपनी गेंदबाजी के दौरान सबसे तेज गेंद डालने का रिकॉर्ड बनाया है।

जवागल श्रीनाथ: भारत के बेहतरीन तेज गेंदबाजी की बात करी जाए तो जवागल श्रीनाथ का नाम क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में जरूर आएगा। जवागल श्रीनाथ भारत के लिए कई सालों तक भारत के ओपनर तेज गेंदबाज की भूमिका बखुबी निभाई थी। अपने पूरे करियर में टेस्ट और वनडे मिलाकर साढ़े 500 विकेट चटकने वाले श्रीनाथ ने भारत के तेज गेंदबाजी के इतिहास में सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड अपने नाम किया हुआ है। एक वेबसाइट के अनुसार श्रीनाथ ने 1999 वर्ल्ड कप के दौरान एक मैच में 154.5 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी जो 1999 वर्ल्ड कप के दौरान किसी गेंदबाज के द्वारा फेंकी गए दूसरी सबसे तेज गेंद थी। पहले नंबर पर पाकिस्तान के शोएब अख्तर हैं जिन्होंने 161.3 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद डाली थी जो आजतक एक रिकॉर्ड है।

वैसे, ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने 160.7 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद फेंक चुके हैं। दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज में पाकिस्तान के शोएब अख्तर शूमार हैं।

इशांत शर्मा: 25 मई 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेलने वाले इशांत शर्मा ने महज 20 साल की उम्र में दुनिया को अपने तेज गेंदबाजी का नमूना पेश किया था। ईशांत ने श्रीनाथ के बाद सबसे तेज गेंद डालने का रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि अपने पहले टेस्ट में इशांत कोई कमाल तो नहीं कर पाए लेकिन अपनी तेज गेंदबाजी से क्रिकेट के चाहने वाले के लिए खासकर भारत के क्रिकेट प्रेमियों को अपना दिवाना जरूर बना दिया था। 2008 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर ईशांत शर्मा ने अपने जौहर का एक बेजोड़ नमूना पेश किया जब 152.6 किमी /घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सबको चकित कर दिया था। उस दौरे में ईशांत शर्मा ने गजब की गेंदबाजी कर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की बोलती बंद कर दी थी। 17 फरवरी 2008 के एडिलेड वनडे मैच में ईशांत जिस रफ्तार से गेंदबाजी की आजतक कोई दूसरा भारतीय गेंदबाज उस रफ्तार के रिकॉर्ड को तोड़ नहीं पाया है। वर्तमान में ईशांत शर्मा की रफ्तार जरुर ढ़ीली पड़ गई है लेकिन आज भी ईशांत भारत के ओपनर गेंदबाज की भूमिका निभाते हैं, आने वाले समय में ईशांत शर्मा से काफी उम्मीदें हैं। अब तक ईशांत शर्मा ने 68 टेस्ट मैच खेलकर 201 विकेट चटका चुके हैं तो वहीं वनडे में 76 मैच में 106 विकेट अपने झोली में डाल चुके हैं।

वरूण अरोन : ईशांत शर्मा के बाद अगर कोई भारतीय तेज गेंदबाज ने अपनी रफ्तार भरी गेंद से गेंदबाजी से झंडे गाड़ने में सफल हुए हैं तो वो वरूण अरोन ही हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में 2011 में भारत के लिए पहला टेस्ट मैच खेलने वाले वरूण अरोन ने 2014 में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में 152.5 किमी /घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर ईशांत के बाद सबसे तेज गेंद डालने का रिकॉर्ड बनाया। वरूण अरोन भारत के घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में सबसे तेज गेंद 153.4 किमी /घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी है जो आजतक रणजी टॉफी में एक रिकॉर्ड है। वरूण अरोन ने अबतक 9 टेस्ट मैचों में 18 विकेट लिए हैं तो वहीं वनडे में भी 9 मैच खेलकर 11 विकेट लिए हैं। वैसें, ज्यादा दिन वरूण अरोन के नहीं हुए हैं क्रिकेट करियर का आगाज हुए। उनको अपने लाइन औऱ लैंथ पर खासा ध्यान देना है। अगर वरूण अरोन अपने गेंदबाजी में संयमित तरिके से लगातार गेंदबाजी करने लगे तो वो दिन दूर नहीं जब अरोन को एक बेहतरीन गेंदबाज के तौर पर याद किया जाए।

उमेश यादव: 2011 में ही अपना डेब्यू करने वाले उमेश यादव ने भी अपनी तेज गेंदबाजी से भारत के लिए उम्मीद बांधी है। लगातार 140 किमी./घंटे की गति से गेंदबाजी करने वाले उमेश यादव ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में 152.2 किमी./घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर भारत के तरफ से तेज गेंद डालने का रिकॉर्ड बना दिया था. उमेश यादव की रफ्तार को देखकर ऑस्ट्रेलियाई लैजेंड गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रेथ भी उमेश के प्रशंसक बन गए थे। वर्ल्ड कप 2015 में उमेश यादव भारत के तरफ से सर्वाधिक विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बने थे। वर्ल्ड कप 2015 में उमेश यादव ने 8 मैच में कुल 18 विकेट चटकाए थे तो 2015 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में तीसरे नंबर थे। उमेश यादव ने अबतक 17 टेस्ट मैचों में कुल 53 विकेट लिए हैं तो वहीं वनडे में 52 मैच खेलकर 72 विकेट चटका चुके हैं। आने वाले टी- 20 वर्ल्ड कप 2016 में एक बार फिर उमेश से काफी उम्मीदें हैं।

आशिष नेहरा: आशिष नेहरा भारत के बेहतरीन गेंदबाजों में शूमार किए जाते हैं लेकिन अपने काबिलियत को नेहरा अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में भूना नहीं पाए। यही कारण रहा कि भारत के लिए नेहरा ज्यादा क्रिकेट नहीं खेल पाए हैं। 1999 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में भारत के लिए डेब्यू करने वाले नेहरा ने अपनी गेंदबाजी का सबसे हैरत भरा नमूना 2003 वर्ल्ड कप में पेश किया था जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपनी स्विंग खाती गेंदबाजी से अंग्रेज बल्लेबाजों को खुब परेशान कर केवल 23 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे। 2003 वर्ल्ड कप के दौरान नेहरा ने 149.7 किमी./घंटा की रफ्तार से एक गेंद डाली थी जिससे नेहरा भारत के तरफ से तेज गेंद डालने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए थे। 2003 वर्ल्ड कप में नेहरा 15 विकेट चटकाए थे, उस समय भारतीय टीम के कप्तान रहे गांगुली ने नेहरा के बारे में कहा था कि नेहरा की गेंदबाजी को देखना उनके क्रिकेट करियर का सबसे बेहतीन पलों में से एक था। हालांकि भारत के लिए नेहरा ने केवल 17 टेस्ट मैच खेलने के बाद 44 विकेट लिए हैं तो वहीं वनडे में 120 मैच में कुल 157 विकेट चटकाए हैं लेकिन आईपीएल में नेहरा की गेंदबाजी बेहद ही असाधारण रही है इसका ही कारण है कि उन्होंने अबतक 74 मैच खेलकर 89 विकेट चटका चुके हैं जिसमें उनका इकोनॉमी केवल 7.75 का रहा है। 2015 के आईपीएल में नेहरा ने 22 विकेट चटकाए थे जो सर्वाधिक विकेट लेने वाले लिस्ट में तीसरे नंबर पर थे।

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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