गुजरात वास्तव में एक खेल राज्य के रूप में उभर गया है। बेहद सफल 36वें राष्ट्रीय खेलों के समाप्त होने में पांच दिन शेष हैं और मेजबानों ने खेलों में अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया है, जो राज्य के बेहद कम समय में मेजबानी के लिए कदम बढ़ाने और खेलों का आयोजन करने के निर्णय को सही ठहराता है।

Advertisement

मेजबान के रूप में, राज्य ने 100 दिनों से भी कम समय में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन करके पहले ही इतिहास रच दिया था। गुजरात ने छह शहरों में सभी स्थानों को उन्नत किया एवं सजाया और 7,000 से अधिक एथलीटों को एक यादगार अनुभव देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन उसके एथलीटों ने अपनी उन्नति का प्रदर्शन करने का अवसर हाथोहाथ लेकर, गुजरात के फैसले को सही ठहराया है।

Advertisement

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिन पहले उद्घाटन समारोह में कहा था, "मैं इतने कम समय में खेलों की मेजबानी की चुनौती लेने के लिए गुजरात सरकार की सराहना करता हूं।"

हालांकि गुजरात के खेलप्रेमी इस बात से ज्यादा खुश होंगे कि उनके एथलीटों ने कैसा प्रदर्शन किया है। जिस क्षण उन्होंने शुक्रवार की रात को अपना 10वां स्वर्ण पदक जीता, उनकी स्टार तैराक माना पटेल ने स्वीमिंग पूल से तीसरा स्वर्ण जीता,उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ दर्ज किया।

माना पटेल ने राज्य सरकार से समर्थन के बारे में पूछे जाने पर कहा, "गुजरात में खेल परि²श्य पिछले एक दशक में नाटकीय रूप से बदल गया है। सरकार ने अत्यधिक लोकप्रिय शक्तिदूत योजना सहित कई योजनाएं शुरू की हैं। खेल महाकुंभ ने लोगों को खेलों के लिए प्रेरित किया है।"

सबसे खुशी की बात यह है कि हाल के दिनों में केवल खेल में गहरी दिलचस्पी लेने वाले राज्य ने एक्वेटिक्स से लेकर योगासन, बैडमिंटन से लेकर कुश्ती और जूडो से लेकर निशानेबाजी तक 11 अलग-अलग खेलों से पदक अर्जित किए हैं। 2015 में, गुजरात के 20 पदकों में से अधिकतर टेनिस और तैराकी से आए थे।

Advertisement

पारंपरिक योगासन में महिलाओं का स्वर्ण पदक जीतने वाली पूजा पटेल, भारतीय तीरंदाजी स्पर्धा में व्यक्तिगत रजत व टीम कांस्य पदक जीतने वाली आर्चर अमिता राथ्वा, राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाली राज्य की दूसरी महिला पहलवान बनी हिनाबेन खलीफा के प्रदर्शन विस्तृत श्रृंखला के प्रमुख उदाहरण हैं।

ओलम्पियन एलावेनिल वलारिवन (शूटर), अंकिता रैना (टेनिस) और माना पटेल (तैराकी) सभी भारतीय स्टार बन गए हैं। दरअसल, टोक्यो 2020 में राज्य की तीन पैरा-खिलाड़ियों सहित छह महिला खिलाड़ी भारतीय दल का हिस्सा थीं, जो बेहद सराहनीय है।

स्वर्णिम गुजरात स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के उप-कुलपति अर्जुन सिंह राणा ने कहा, "हमने एक बहुत ही प्रगतिशील खेल नीति पेश की है। न केवल जमीनी स्तर पर खेल को बढ़ावा देने के लिए बल्कि प्रतिभा की तलाशने और उसे तराशने के लिए भी कई योजनाएं हैं।"

Advertisement

शक्तिदूत योजना वर्तमान में 14 खेलों के 64 चुने हुए एथलीटों का समर्थन करती है। खेल महाकुंभ के साथ डीएलएसएस (जिला स्तरीय खेल पाठ्यक्रम) योजना भी महत्वपूर्ण मध्याम रही है, जिसने 2011 में पदक तालिका में 28वें स्थान से खराब स्थिति से गुजरात के उत्थान को देखा है।

अर्जुन सिंह राणा ने आगे कहा, "कुल मिलाकर, गुजरात के शीर्ष खिलाड़ी अपने करियर के हर चरण में वित्तीय सहायता का आनंद लेते हैं, जो उन्हें विश्व खेल में उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करता है।" उन्होंने कहा, "यह हमारी प्रगतिशील खेल नीति के अनुरूप खेल के बुनियादी ढांचे में किए गए बड़े पैमाने पर निवेश सहित, वर्षों में हमने जो कड़ी मेहनत की है, उसका यह परिणाम है।"

गुजरात में आज विश्व स्तरीय स्टेडियमों के अलावा, अपने एथलीटों को प्रशिक्षित करने के लिए कई उच्च प्रदर्शन केंद्र भी हैं।

Advertisement

दो बार की ओलम्पिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने अपने गुजरात दौरे के दौरान कहा, "सूरत में पीडीडीयू स्टेडियम सबसे अच्छी इनडोर सुविधाओं में से एक है जिसे मैंने देखा है।" वह उस स्टेडियम को लेकर उत्साहित थी, जिसने देश के बेहतरीन टेबल टेनिस और बैडमिंटन खिलाड़ियों की मेजबानी की थी। उन्होंने कहा, "यह न केवल इंडिया ओपन बल्कि किसी भी मेगा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की भी मेजबानी कर सकता है।"

मुख्य तकनीकी अधिकारी और रोइंग के मुख्य राष्ट्रीय कोच इस्माइल बेग साबरमती कोर्स पर प्रशंसा की बौछार करना बंद ही नहीं कर सके। उन्होंने कहा, "यह आसानी से देश में सबसे बेस्ट है। गुजरात अब अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का केंद्र बन सकता है।" उन्होंने घोषणा की कि कुछ ओलम्पियनों ने यह भी कहा कि यह टोक्यो ओलंपिक में इस्तेमाल किए गए कोर्स से भी बेहतर था।

Also Read: Live Cricket Scorecard

Advertisement

यह प्रगतिशील राज्य के लिए केवल आगे और ऊपर की ओर हो सकता है।

लेखक के बारे में

IANS News
IANS is one of the largest independent private Indian news agency in India. Founded in the year 1986 by Indian American publisher Gopal Raju as the "India Abroad News Service" and later renamed. Their main offices are located in Noida, Uttar Pradesh. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार