भारत की श्रुति अहलावत ने आईटीएफ डब्ल्यू15 के सिंगल्स फाइनल का खिताब अपने नाम कर लिया है। 27 अप्रैल से 3 मई तक डीएलटीए स्टेडियम में खेले गए इस टूर्नामेंट के हाई-क्वालिटी मुकाबलों के बाद जेनिया लास्कुतोवा और एकातेरिना याशिना ने डबल्स का खिताब अपने नाम किया।
इस टूर्नामेंट में 74 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 62 खिलाड़ी भारतीय थीं। ये खिलाड़ी अहम वर्ल्ड रैंकिंग प्वाइंट्स और कुल 15,000 यूएस डॉलर की इनामी राशि के लिए मुकाबला कर रही थीं।
2 मई को खेले गए डबल्स फाइनल में, जेनिया लास्कुतोवा और एकातेरिना याशिना (रूस) ने अरिना आरिफुलिना और मिचिका ओजेकी (जापान) को 6-4, 6-3 के स्कोर से हराया। इस मैच में उन्होंने दबाव में भी जबरदस्त तालमेल और मजबूती का प्रदर्शन किया।
3 मई को हुए सिंगल्स फाइनल में, श्रुति अहलावत ने पोलैंड की खिलाड़ी जुजाना कोलोनस के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 7-5, 6-2, 7-6 से जीत के साथ खिताब अपने नाम कर लिया।
इस टूर्नामेंट ने भारत की उभरती हुई प्रतिभाओं की गहराई को भी उजागर किया। 14 वर्षीय जेन्सी कनाबर किसी प्रोफेशनल आईटीएफ महिला टूर्नामेंट के सिंगल्स क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली सबसे युवा भारतीय बनीं।
अन्य प्रमुख भारतीय खिलाड़ियों में जील देसाई, आकांक्षा दिलीप नित्तुरे और सोनल पाटिल शामिल थीं। इन सभी ने टूर्नामेंट में भारत की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने में अहम योगदान दिया।
इस टूर्नामेंट ने भारत की उभरती हुई प्रतिभाओं की गहराई को भी उजागर किया। 14 वर्षीय जेन्सी कनाबर किसी प्रोफेशनल आईटीएफ महिला टूर्नामेंट के सिंगल्स क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली सबसे युवा भारतीय बनीं।
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आईटीएफ डब्ल्यू15 नई दिल्ली, आईटीएफ वीमेंस वर्ल्ड टेनिस टूर का ही एक हिस्सा है। यह भारतीय खिलाड़ियों के लिए रैंकिंग प्वाइंट्स हासिल करने और दुनिया भर में पहचान बनाने के लिए एक बहुत ही अहम मंच के तौर पर लगातार काम कर रहा है।