पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल की तरफ से लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों के बाद द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच नवल सिंह को बर्खास्त कर दिया है। पीसीआई प्रमुख देवेंद्र झाझड़िया ने रविवार को 'आईएएनएस' को यह जानकारी दी।
पीसीआई प्रमुख झाझड़िया ने आईएएनएस से कहा, "बोर्ड ने उन्हें (नवल सिंह को) बर्खास्त करने का फैसला किया है।"
दो बार के पैरालंपिक गेम्स के पदक विजेता सुमित अंतिल ने कोच नवल सिंह पर उत्पीड़न और अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से इसकी शिकायत की। सुमित अंतिल को टोक्यो ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का भी समर्थन मिला था।
देश के शीर्ष एथलीट्स ने साई को एक लिखित शिकायत दी थी, जिसमें नवल सिंह पर मानसिक उत्पीड़न और बार-बार अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। नवल सिंह सचिन यादव को प्रशिक्षण देते हैं, जो 2025 विश्व चैंपियनशिप में नीरज से आगे रहते हुए चौथे स्थान पर रहे थे।
लिखित शिकायत 10 अप्रैल को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को सौंपी गई, जब यह मामला साई और पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) अधिकारियों के सामने उठाया गया।
टोक्यो पैरालंपिक 2020 और पेरिस पैरालंपिक 2024 में गोल्ड जीतने वाले सुमित अंतिल इस मुद्दे को सबसे पहले उठाने वाले खिलाड़ी थे। उनका कहना था कि उन्होंने कोच के व्यवहार को लेकर साई के डिप्टी डायरेक्टर अरुणलाल और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के सीईओ नैश जोहल से शिकायत की थी।
लिखित शिकायत 10 अप्रैल को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को सौंपी गई, जब यह मामला साई और पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) अधिकारियों के सामने उठाया गया।
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साल 2015 में 'द्रोणाचार्य पुरस्कार' से सम्मानित नवल सिंह ने राष्ट्रीय स्तर के भाला फेंक एथलीटों को प्रशिक्षण देने और युवा कोचों का मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।