भारतीय महिला कुश्ती में सरिता मोर का नाम काफी लोकप्रिय है। सरिता फ्रीस्टाइल पहलवान हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
सरिता मोर का जन्म 16 अप्रैल 1995 को हरियाणा के सोनीपत जिले में हुआ था। इस जिले से कई पहलवान निकले हैं जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना नाम बनाया है। इसका प्रभाव सरिता मोर पर भी पड़ा और उन्होंने कुश्ती में अपना करियर बनाने का निश्चय किया। हालांकि बचपन में वह कबड्डी की भी बहुत अच्छी खिलाड़ी थीं, लेकिन कुश्ती के प्रति प्रेम और कड़ी मेहनत ने उन्हें इस खेल में बड़ी सफलता दिलायी।
2014 में सीनियर स्तर पर उन्होंने डेब्यू किया था और अगले वर्षों में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रसिद्ध फोगाट बहनों और ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक की उपस्थिति के बीच, सरिता मोर को भारतीय महिला कुश्ती में अपनी जगह बनाने के लिए काफी कड़ी मेहनत करनी पड़ी है।
सरिता ने ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने की पूरी कोशिश की है, लेकिन अभी तक उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका है। सरिता का पसंदीदा भार वर्ग 59 किग्रा है, जो ओलंपिक में मान्य नहीं है। इसलिए सरिता ने 57 किग्रा में कोशिश की थी, लेकिन टोक्यो ओलंपिक और पेरिस ओलंपिक के लिए भारतीय टीम में जगह बना पाने में वह असफल रही थीं।
2014 में सीनियर स्तर पर उन्होंने डेब्यू किया था और अगले वर्षों में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रसिद्ध फोगाट बहनों और ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक की उपस्थिति के बीच, सरिता मोर को भारतीय महिला कुश्ती में अपनी जगह बनाने के लिए काफी कड़ी मेहनत करनी पड़ी है।
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यह दिग्गज पहलवान फिलहाल कुश्ती में सक्रिय है। इसके साथ ही वह भारतीय रेलवे में भी कार्यरत हैं।