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बंगाल क्रिकेट संघ ने आखों की जांच की अनिवार्य, फिर कोच अरुण लाल ने बताई इसकी जरूरत

by Saurabh Sharma Jun 02, 2020 • 22:36 PM

कोलकाता, 2 जून| बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) ने बंगाल क्रिकेटरों के लिए आंखों की जांच को अनिवार्य कर दिया है और इस निर्णय के पीछे बंगाल के कोच अरुण लाल की अहम भूमिका है। कोच अरुण लाल का मानना है कि यह खेल 90 फीसदी आंखों का खेल है। उन्होंने कहा कि सीजन की शुरूआत होने से पहले इस बात का पता लगाने में कोई हर्ज नहीं है कि क्या वे अच्छे शेप में है।

सीएबी ने कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंधों को हटने के बाद फिर से शिविर लगाने पर अंडर-23 और सीनियर टीम के खिलाड़ियों के लिए आंखों की जांच को अनिवार्य कर दिया है।

आईएएनएस ने खबर दी है कि बीसीसीआई बीते तीन साल से अपने खिलाड़ियों के साथ ऐसा करती आई है।

अरुण लाल ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा, यह सिर्फ एहतियाती है। जब आपके पास अपने मुख्य खिलाड़ी होते हैं, " जो 30 (उम्र) से अधिक होते हैं। तो ऐसा करने के लिए यह हमेशा सबसे अच्छा होता है। क्रिकेट 90 फीसदी आंखों का खेल है। आपको यह सुनिश्चित करने के लिए मिला कि सब कुछ ठीक है।"

उन्होंने कहा, " आप अपनी आंखों को देख लेते हैं और अगर आंखों की रोशनी कम हो रही है तो आप इस पर ध्यान नहीं देते। कभी-कभी मुझे लगता है कि शायद मुझे संदेह है कि कुछ लोग गेंद को नहीं देख पा रहे हैं, जैसा कि वे करते थे और उन्होंने कहा कि यह जरूरी है। इसलिए मुझे लगता है कि यह जरूरी है।"

13 वर्षों में पहली बार अपने मार्गदर्शन में बंगाल को रणजी ट्रॉफी का खिताब जिताने वाले लाल ने कहा कि वह पिछले साल से ही खिलाड़ियों के आंखों की जांच करने के बारे में सोच रहे हैं।

कोच ने कहा, " मैं पिछले साल से ही इसके बारे में सोच रहा हूं। मैंने सोचा कि किसी भी संदेह को दूर करने के लिए सीजन से पहले सभी क्रिकेटरों के लिए आंखों का टेस्ट किया जाना चाहिए।"

सीएबी न प्रशासन और बंगाल क्रिकेट टीम की कोचिंग इकाई के बीच हुई बैठक के बाद इस पर फैसला लिया।
 


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