भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या विजय हजारे ट्रॉफी में जमकर बवाल मचा रहे हैं। उन्होंने अपना विस्फोटक प्रदर्शन चंडीगढ़ के खिलाफ मैच में भी जारी रखा। गुरुवार, 8 जनवरी को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ बड़ौदा के लिए बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने एक और तूफानी पारी खेली। बड़ौदा के आखिरी एलीट ग्रुप बी मैच में नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने आए पांड्या ने सिर्फ 31 गेंदों में 75 रन बनाकर मैच का रुख ही बदल दिया।
पांड्या ने क्रीज पर आते ही बिना समय गंवाए ताबड़तोड़ बल्लेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और नौ गगनचुंबी छक्के और दो चौके लगाए, जिससे उनका स्ट्राइक रेट 240 से भी ज़्यादा रहा। उनका ये हमला एक अहम समय पर आया, जिससे टॉप ऑर्डर में शुरुआती लड़खड़ाहट के बाद बड़ौदा को मोमेंटम मिला। प्रियांशु मोलिया के साथ मिलकर, पांड्या ने पांचवें विकेट के लिए सिर्फ 51 गेंदों में 90 रन जोड़े, ये साझेदारी निर्णायक साबित हुई और पारी को बड़ौदा के पक्ष में मोड़ दिया।
ये कोई एक बार का प्रदर्शन नहीं था। सिर्फ पांच दिन पहले, पांड्या ने विदर्भ के खिलाफ 68 गेंदों में शतक जड़ा था, जिसमें उन्होंने 11 छक्के और आठ चौकों की मदद से 133 रन बनाए थे। हालांकि वो पारी बड़ौदा की हार में खत्म हुई, लेकिन इसने ऑलराउंडर की शानदार फॉर्म और लंबे व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में बढ़ते आत्मविश्वास को दिखाया।चंडीगढ़ के खिलाफ, इस तूफानी पारी को दूसरे छोर से भी अच्छा सपोर्ट मिला।