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'मैंने कभी ये नहीं कहा कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा होना चाहिए', शाहिद अफरीदी ने दिया जवाब

शाहिद अफरीदी ने कश्मीर प्रीमियर लीग को लेकर खुलकर बातचीत की है। शाहिद अफरीदी से इस बीच कश्मीर से जुड़ा सवाल पूछा गया जिसका उन्होंने बिना बातों को घुमाए जवाब दिया है।

By Prabhat Sharma July 10, 2022 • 15:33 PM

Kashmir Premier League: कश्मीर प्रीमियर लीग और इसके कर्ता धर्ता पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेट शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) हमेशा से ही विवादों में रहे हैं। KPL  को लेकर बीसीसीआई ने कड़ी आपत्ति जताई थी क्योंकि ये पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में खेला जाता है। ये इलाका भारत और पाकिस्तान के बीच एक विवादित भूमि है। विवादित भूमि से हमारा मतलब है ऐसी भूमी जिसको लेकर साफ नहीं हो पाया है कि ये भारत के हिस्से में है या पाकिस्तान के। इस बीच केपीएल के अगले सीजन के लिए तैयारियों में जुटे शाहिद अफरीदी से जब कश्मीर को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बिना झिझके सवाल का जवाब दिया है।

कश्मीर में हो रहे जुल्म के खिलाफ हूं: शाहिद अफरीदी ने कहा, 'मैं हमेशा कश्मीरियों की बात करता हूं और करना भी चाहिए। मेरे ख्याल में चाहे कोई भी हो किसी भी मजहब से जुड़ा हुआ इंसान हो। अगर वहां पर जुल्म होता है तो फिर उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। मैंने कभी ये डिमांड नहीं की कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा होना चाहिए। मैंने कभी इस चीज की डिमांड नहीं की लेकिन वहां पर जो जुल्म हो रहा है उसके खिलाफ मैं हूं।'

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कश्मीर और पाकिस्तान के टैलेंट को जोड़ा: शाहिद अफरीदी ने कहा, 'कश्मीर में जो जुल्म हो रहा है उसके खिलाफ मैं रहूंगा हमेशा। हमारे बड़ों ने बहुत कुर्बानी दी है वहां इसलिए ये चीज मेरे खून में भी है और मैं बोलता रहूंगा ये हमेशा। हम वहां के लोगों के करीब से करीब होते जा रहे हैं। हम वहां पर लीग क्रिकेट लेकर गए हैं। वहां पर क्रिकेट होना चाहिए। हमारे जाने के बाद ये नहीं कि वहां पर क्रिकेट खत्म हो जाए। कश्मीर के लिए टैलेंट आएगा तो पाकिस्तान के लिए टैलेंट आएगा।

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आईसीसी ने नहीं दी थी मान्यता: केपीएल को पिछले साल लॉन्च किया गया था जिसमें 7 टीमें खेलती हुई नजर आई थीं। अफरीदी सहित पाकिस्तान के तमाम प्रमुख खिलाड़ी इस लीग में खेलते हुए दिखे थे। हालांकि, आईसीसी ने टूर्नामेंट को मान्यता नहीं दी थी। आईसीसी के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट रूप से कहा था कि ये टूर्नामेंट आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं है और आईसीसी का इससे कोई लेना देना नहीं है।


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