X close
X close

किंग्स XI पंजाब ने दूसरे सुपर ओवर में मुंबई इंडियंस को हराया,आईपीएल इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

By Saurabh Sharma
Oct 19, 2020 • 08:25 AM

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन में रविवार को दो मैच थे और दोनों का ही फैसला सुपर ओवरों में निकाला। पहले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को हराया। वहीं दिन का दूसरा मैच मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच था जहां पहली बार दो सुपर ओवर फेंके गए और पंजाब ने इस ऐतिहासिक मैच में जीत अपने नाम की। 

मुंबई ने पहली पारी खेलते हुए 20 ओवरों में छह विकेट गंवाकर 176 रन बनाए। आखिरी गेंद पर पंजाब को जीतने के लिए दो रन चाहिए थे। दूसरा रन लेते हुए क्रिस जोर्डन (13) रन आउट हो गए और मैच सुपर ओवर में पहुंचा।

Also Read: IPL 2020: डेविड वॉर्नर सुपर ओवर में हार से हुए निराश, कहा मैच फिनिश नहीं कर पाने का अफसोस

पहले सुपर ओवर में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी की और दोनों विकेट खोकर पांच रन बनाए। मुंबई भी सुपर ओवर में पांच रन ही बना सकी। इसके बाद मैच का फैसला दूसरे सुपर ओवर में निकला।

दूसरे सुपर ओवर में मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 11 रन बनाए। पंजाब ने चार गेंदों में जरूरी रन बना लिए।

यह आईपीएल में पहली बार हुआ है कि किसी मैच में दो सुपर ओवर खेले गए हों।

मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए क्विटंन डी कॉक (53 रन, 43 गेंद तीन चौके, तीन छक्के), केरन पोलार्ड (नाबाद 34 रन, 12 गेंद), नाथन कुल्टर नाइल (नाबाद 24 रन, 12 गेंद) की मदद से 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 176 रन बनाए। पंजाब ने आखिरी तक लड़ाई लड़ी लेकिन मैच टाई रहा।

पंजाब के लिए कप्तान केएल राहुल ने 51 गेंदों पर सात चौके और तीन छक्कों की मदद से 77 रन बनाए।

मंयक अग्रवाल (11) को जसप्रीत बुमराह ने बोल्ड कर मुंबई को पहली सफलता दिलाई। यह पंजाब के लिए बड़ा विकेट था क्योंकि मयंक पंजाब के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में से एक हैं जो फॉर्म में हैं।

Congratulations Team Kings XI Punjab

Posted by Cricketnmore on Sunday, 18 October 2020

क्रिस गेल (24) भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। राहुल चहर की गेंद पर ट्रेंट बोल्ट ने उनका कैच पकड़ा। निकलोस पूरन (24) ने दो छक्के मारे, लेकिन वो मुंबई के लिए ज्यादा खतरनाक होते उससे पहले ही रोहित ने जसप्रीत बुमराह को बुला पूरन की पारी का अंत करवा दिया।

ग्लैन मैक्सवेल इस मैच में भी कुछ नहीं कर सके। चहर ने उनका विकेट लिया।

अब टीम की पूरी उम्मीदें कप्तान राहुल से ही थीं लेकिन बुमराह जिस काम के लिए जाने जाते हैं राहुल को बोल्ड कर उन्होंने एक बार फिर वही काम किया।

आखिरी ओवर में पंजाब को नौ रन चाहिए थे लेकिन ट्रेंट बोल्ट ने सिर्फ आठ रन दे मैच को सुपर ओवर में पहुंचा दिया।

मुंबई के लिए एक बार फिर क्विंटन डी कॉक का बल्ला चला। रोहित शर्मा (9), सूर्यकुमार यादव (0) और ईशान किशन (7) के जल्दी आउट होने के बाद डी कॉक के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी थी जिसे उन्होंने बखूबी निभाया और क्रुणाल पांड्या (34) के साथ मिलकर इस संकंट से बाहर निकाला। दोंनों ने 58 रनों की साझेदारी की।

क्रुणाल को रवि बिश्नोई ने दीपक हुड्डा के हाथों कैच कराया। हार्दिक पांड्या (8) भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। उनके बाद डी कॉक भी आउट हो गए।

टीम का स्कोर 15.3 ओवरों में 116/5 था और यहां से पंजाब की कोशिश मुंबई को बड़े स्कोर बनाने से रोकने की थी, लेकिन केरन पोलार्ड के रहते उसके लिए यह संभव नहीं हो सका। पोलार्ड को नाथन कुल्टर नाइल का भी साथ मिला। पोलार्ड ने अपनी पारी में एक चौका और चार छक्के लगाए। नाथन ने चार चौके मारे।