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'मुरलीधरन ने कहा-अगले 3 दिन के लिए गुड लक', उसके बाद मुझे कोई विकेट नहीं मिला

मुथैया मुरलीधरन के नाम वनडे और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट दर्ज हैं। मुथैया मुरलीधरन ने टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट लिए वहीं वनडे में मुथैया मुरलीधरन 534 विकेट झटके।

By Prabhat Sharma August 02, 2022 • 12:52 PM

श्रीलंका के दिग्गज क्रिकेटर मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) क्रिकेट इतिहास के अब तक के सबसे महान स्पिनरों में से एक रहे हैं। अगर मुथैया मुरलीधरन के कैलिबर का कोई इंसान आपकी प्रशंसा करता है या आपकी गेंदबाजी की सराहना करता है, तो इसका मतलब साफ है कि हो ना हो आपमें कुछ ना कुछ बात तो जरूर है। भारत के पूर्व स्पिनर नीलेश कुलकर्णी ने मुथैया मुरलीधरन से शुभकामनाएं प्राप्त करने के उस पल को याद किया, जब वो उनके लिए कारगर साबित नहीं हुई।

स्पोर्टस्टार से बातचीत के दौरान नीलेश कुलकर्णी ने कहा, 'मारवन अटापट्टू और सनथ जयसूर्या शुरुआत में शानदार प्रदर्शन कर रहे थे। हमें लगभग एक घंटे गेंदबाजी करनी थी और हमारा ध्यान एक-दो विकेट हासिल करने पर था। मैं गेंदबाजी करने की उम्मीद नहीं कर रहा था। राजेश चौहान को आखिरी ओवर करना था, लेकिन मारवन ने पिछले ओवर की आखिरी दो गेंदों में सिंगल लिया, जिससे सचिन जो उस वक्त कप्तान थे उन्होंने अपना विचार बदल दिया और बाएं हाथ के स्पिनर को दाएं हाथ के लिए गेंदबाजी करने को कहा।'

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नीलेश कुलकर्णी ने आगे कहा, 'जब मैं अपनी फील्डिंग पोजीशन बदल रहा था, तभी अचानक उन्होंने मुझे बुलाया और गेंदबाजी करने के लिए कहा। मेरे पास तैयारी के लिए समय नहीं था मैं वास्तव में तैयार नहीं था। जब मैं अंपायर को कैप सौंप रहा था, तो उन्होंने मुझे बताया कि मेरे पास पहली गेंद डालने के लिए दो मिनट से भी कम समय है। मुझे डेब्यू ओवर फेंकने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। मैं बस यही सोच रहा था कि अपने आप को शर्मिंदा मत करो। सुनिश्चित करो कि सही गेंद फेंको और सही लेंथ पर हिट करो ताकि डेब्यू यादगार बने।'

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नीलेश कुलकर्णी ने कहा, 'मारवन थोड़ी आक्रामक पारी खेल रहे थे इसलिए वह गेंदबाजों पर हावी होना चाहते थे। वो मेरी गेंद पर कवर ड्राइव के लिए गए और नयन मोंगिया ने कैच पूरा किया।' हालांकि, ये मैच उनके लिए कुछ खास नहीं घटा और कुलकर्णी ने पूरे मैच में एकमात्र सफलता झटकी। नीलेश कुलकर्णी ने 70 ओवरों में 1/195 के आंकड़े के साथ गेंदबाजी की थी। 

नीलेश कुलकर्णी को पता नहीं था कि आगे उनके साथ क्या होने वाला है। नीलेश कुलकर्णी ने कहा, 'हम सभी खुश थे। मैंने पहली गेंद पर विकेट लिया था। पहले दिन का खेल खत्म हो गया हम वापस जा रहे थे और मैं कुछ बल्लेबाजों को थ्रोडाउन दे रहा था। मुझे लगा कि मेरे जीवन में कुछ अलग हुआ है। संयोग से, दिन के खेल के बाद मैं होटल में मुरलीधरन से मिला और उन्होंने मुझसे कहा, 'आपने अच्छा किया, अगले तीन दिनों के लिए शुभकामनाएं।' मुझे नहीं पता था कि मुझे अगले तीन दिनों तक विकेट नहीं मिलने वाला है।


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