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'पहले टायर खींचा वो हल्के थे, फिर गाड़ी खींची वो छोटी थी फिर 4-5 मील ट्रक खींचकर हुआ तेज'

22 फरवरी 2003 को शोएब अख्तर ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान विश्व क्रिकेट में अब तक की सबसे तेज डिलीवरी, 100.23 मील प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी थी।

Prabhat  Sharma
By Prabhat Sharma May 21, 2022 • 17:06 PM
Cricket Image for Shoaib Akhtar Talks About Story Behind 1613 Kph Delivery
Cricket Image for Shoaib Akhtar Talks About Story Behind 1613 Kph Delivery (Shoaib Akhtar)
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सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज उमरान मलिक लगातार 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। इस ख़तरनाक गति के कारण उनकी तुलना पाकिस्तान क्रिकेट के दिग्गज शोएब अख्तर के साथ भी होती है। 2003 विश्व कप के दौरान सबसे तेज गेंद फेंकने से पहले इंटरनेशनल क्रिकेट में लगातार शोएब अख्तर तेज गेंदबाजी कर रहे थे। इस महान तेज गेंदबाज ने रिकॉर्ड 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंद फेंकी थी।

शोएब अख्तर लगातार कैसे इतनी तेज गेंद फेंकते थे उन्होंने खुद इस बात का खुलासा किया है। शोएब अख्तर ने कहा, 'जब आप एक गेंदबाज के रूप में 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छूते हैं, तो याद रखें कि आपके अंदर 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और है। हालांकि,अपनी गेंदबाजी में उस अतिरिक्त गति को जोड़ने के लिए अलग तरह के ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है।'

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शोएब अख्तर ने आगे कहा,'इससे पहले कि मैं 100 मील का रिकॉर्ड तोड़ता,मैं 157-158 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी कर रहा था, लेकिन मैं 160 तक नहीं पहुंच पा रहा था। मैं उसी पर थोड़ा चकित था, सोच रहा था कि ऐसा क्यों नहीं हो रहा है।'

शोएब अख्तर ने कहा, 'मैंने टायरों के साथ दौड़ना शुरू किया लेकिन जल्द ही महसूस किया कि वे हल्के हैं। इसके बाद, मैंने अपने कंधों से छोटे वाहनों को खींचना शुरू किया। इस्लामाबाद में जनता कम है, इसलिए मैं रात में वाहन खींचता था। मैं अपने रन-अप की गति के साथ इसकी गति का मिलान करता था। मुझे एहसास हुआ कि गाड़ी भी छोटी है, इसलिए मैंने ट्रक खींचना शुरू किया। मैं ट्रक को 4-5 मील तक खींचता था'

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शोएब अख्तर ने बोला, 'जब मैंने 26 गज की पट्टी पर गेंदबाजी की तो मेरी गति घटकर 142-143 किलोमीटर प्रति घंटे हो गई। लेकिन मेरा लक्ष्य 26 गज की सतह पर 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छूने का रहा। 2003 विश्व कप के दौरान जब मैंने नेट्स में गेंदबाजी की थी तो बल्लेबाज मुझसे कह रहे थे- 'तुम हमें मार डालोगे, तुम इतनी तेज गेंदबाजी कर रहे हो। आपने अपनी गति को इतना बढ़ाने के लिए क्या किया है?' तब मैंने कहा- मेहनत।'

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