साल 2023 में ईशान किशन के इंटरनेशनल करियर का ग्राफ तेजी से ऊपर बढ़ रहा था। वनडे में दोहरा शतक और टी20 में लगातार दमदार प्रदर्शन के बूते ईशान ने भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली थी। वेस्टइंडीज के खिलाफ वह अपना टेस्ट डेब्यू भी कर चुके थे। हालांकि, फिर अचानक ईशान ने निजी कारणों का हवाला देते हुए साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया।
बीसीसीआई ने इंटरनेशनल क्रिकेटर्स के लिए इसी दौरान घरेलू क्रिकेट को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, लेकिन ईशान घरेलू खेलने मैदान पर नहीं उतरे। ईशान का यह रवैया बीसीसीआई और सिलेक्टर्स को पसंद नहीं आया और बुलंदियों की तरह तेजी से बढ़ रहा ईशान का करियर अचानक ढलान की ओर जाने लगा। ईशान को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया। इसके बाद हर फॉर्मेट की टीम से उनकी छुट्टी हो गई। सिलेक्टर्स ने ईशान का रिप्लेसमेंट खोजना शुरू कर दिया और हर किसी को लगा कि विकेटकीपर-बल्लेबाज शायद ही अब भारतीय टीम में वापस लौट पाएगा।
सिलेक्शन के लिए होने वाली मीटिंग में ईशान के नाम पर चर्चा तक होने बंद हो गई। हालांकि, इन मुश्किल हालातों में भी ईशान ने हार नहीं मानी। वह पूरी तरह से तरो-ताजा होने के बाद घरेलू क्रिकेट में लौटे। हालात आगे चुनौतीपूर्ण थे और रास्ता बेहद मुश्किल, लेकिन ईशान ने लड़ने की ठानी। घरेलू क्रिकेट में ईशान का बल्ला चला और उन्हें सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट के लिए झारखंड की कप्तानी सौंपी गई। ईशान जानते थे कि हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचने का यही सुनहरा मौका है।