भारत के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का कहना है कि अगर माता-पिता अपने बच्चों को कामयाब होते देखना चाहते हैं, तो उन्हें आजादी देनी होगी। सचिन ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को भारत की जर्सी में खेलने के लिए त्याग करने होंगे, क्योंकि शॉर्टकट से कभी सफलता नहीं मिलती है।
सचिन अहमदाबाद में एसआरटी10 अल्टेवोल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के लॉन्च इवेंट में शामिल हुए, जिसमें आईसीसी चेयरमैन जय शाह और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी पहुंचे।
सचिन ने सभी माता-पिता को संदेश देते हुए कहा, "हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे सफल हों, और इसके लिए हमें कड़ी मेहनत करनी होगी। सबसे जरूरी यह है कि हमें अपने बच्चों को आजादी देनी चाहिए। आजादी और हौसला एक बेहतरीन मेल है, क्योंकि इसी से नतीजे मिलते हैं। मेरे माता-पिता ने मुझ पर कभी दबाव नहीं डाला। न ही मेरे भाई-बहनों ने मुझसे कभी पूछा कि मैं रन क्यों नहीं बना पा रहा हूं। जब मैंने दो क्लब या प्रैक्टिस मैच खेले, तो मैं पहले दो मैच में जीरो पर आउट हो गया और घर आ गया। तीसरे मैच में, मैंने एक रन बनाया। लेकिन अंदर ही अंदर मैं खुश था कि मैं कम से कम एक रन तो बना पाया।"