अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए जब से भारतीय टीम का ऐलान हुआ है तभी से चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर आलोचकों के निशाने पर हैं। भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को एक बार फिर भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया है और अजीत अगरकर ने शमी को ना चुने जाने पर जो बयान दिया है वो किसी को हज़म नहीं हो रहा है।
शमी ने आखिरी बार भारत के लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेला था और उसके बाद से उन्हें टीम में शामिल करने पर विचार नहीं किया गया है। आगामी अफगानिस्तान सीरीज़ के लिए भारत की टीम में उन्हें एक बार फिर जगह नहीं मिली। हालांकि, इस तेज़ गेंदबाज़ ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है और बंगाल को रणजी ट्रॉफी के सेमी-फाइनल तक पहुंचाया। 19 मई को भारत की टीम की घोषणा के बाद मीडिया से बात करते हुए, अजीत अगरकर ने बताया कि इस बार भी लंबे फॉर्मेट के लिए मोहम्मद शमी के नाम पर विचार नहीं किया गया। अगरकर ने कहा कि इस समय शमी सिर्फ टी-20 खेलने के लिए ही फिट हैं।
अगरकर के इस बयान के बाद जाफर ने भी उनकी जमकर आलोचना की और चीफ सेलेक्टर के इस स्पष्टीकरण को बकवास बताया। पूर्व ओपनर ने कहा कि चयन समिति को ये साफ करना चाहिए कि क्या शमी को जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "ये बकवास है (अजीत अगरकर का स्पष्टीकरण)। हम मोहम्मद शमी की बात कर रहे हैं, किसी आम खिलाड़ी की नहीं। ये मोहम्मद शमी का अपमान है। देखिए, ये खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, और आप कह रहे हैं कि वो सिर्फ टी-20 के लिए ही फिट है। ये सिर्फ एक बहाना है। अगर आप उन्हें टीम में नहीं लेना चाहते, तो साफ-साफ कहिए, 'हमने उन्हें नज़रअंदाज़ किया है।' ये एक सही बयान होगा। वो बंगाल को अकेले दम पर रणजी ट्रॉफी (सीज़न) के सेमी-फाइनल तक पहुंचाने के बाद आ रहे हैं।"