Sunrisers Hyderabad: बिहार के गोपालगंज का एक लड़का आईपीएल के अपने डेब्यू मुकाबले में ही शानदार गेंदबाजी से दिल जीत लिया। इस तेज गेंदबाज को आर्थिक तंगी और सुविधाओं का अभाव भी नहीं रोक सका। बेटा तेज कदमों से दौड़ लगाते हुए 22 गज की पिच पर बल्लेबाजों के होश उड़ा सके, इसलिए मां ने अपने गहने बेचकर साकिब हुसैन को जूते दिलाए। उम्मीदों के बोझ के तले साकिब दबे नहीं, बल्कि ऐसा निखरे कि विश्व क्रिकेट उनके बारे में जानने को बेकरार है।
साकिब हुसैन के पिता किसान थे, तो आर्थिक तंगी हमेशा से ही रही। किसी तरह से घर का बस गुजारा हो जाया करता था। साकिब शुरुआत में भारतीय सेना में जाना चाहते थे। घर के पास बने सेना के मैदान में वह तैयारी करने के लिए जाते थे। हालांकि, जब वह क्रिकेट खेलते थे, तो उनकी गेंदबाजी में कुछ अलग ही बात नजर आती थी। दोस्तों ने इस खेल में करियर बनाने की सलाह दी और पिता का भी साथ मिला। टेनिस की गेंद से साकिब ने अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी गेंदबाजी के दम पर नाम कमाने लगे।
हालांकि, क्रिकेटर बनने का सफर इतना आसान नहीं था। जब लेदर की गेंद से गेंदबाजी शुरू की, तो अच्छे जूते की कमी महसूस हुई। क्रिकेट के प्रति बेटे का लगाव और जुनून को देखकर मां ने अपने गहने तक बेच दिए। इरफान पठान ने 'जियोस्टार' के साथ बात करते हुए बताया कि साकिब की मां ने उन्हें स्पाइक्स वाले जूते दिलाने के लिए गहने बेच दिए थे। मां के इस भरोसे पर साकिब एकदम खरे भी उतरे और उन्होंने जी-तोड़ मेहनत की।