When teams refused to play at venues in ICC T20 World Cup: जिन टीम ने आईसीसी 2026 टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना था, उनमें से बांग्लादेश टीम बाहर और उनकी जगह मिल गई स्कॉट्लैंड को। ये बदलाव आसानी से नहीं हुआ क्योंकि जो चर्चा हुई उसमें क्रिकेट के साथ-साथ राजनीति के कार्ड भी चले। ऐसा नहीं कि टी20 वर्ल्ड कप ने अपने इतिहास में इससे पहले कोई संकट नहीं देखा था पर इस बार ख़ास वजह से टीम बदलने के फैसले ने और नए विवाद शुरु कर दिए।
2009 टी20 वर्ल्ड कप में भी लगभग यही हुआ था। तब जो हुआ, उसे समझने के लिए, चर्चा को 1996 वनडे वर्ल्ड कप से शुरु करना होगा। तब मेजबान भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका थे। प्रोग्राम ऐसा बना कि ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज को एक-एक मैच कोलंबो में खेलना था। श्रीलंका में सिविल वॉर जैसे हालात और टूर्नामेंट से दो हफ्ते पहले के बम विस्फोट की दलील पर टीम की सुरक्षा पर चिंता शुरु हो गई। नतीजा- इन दोनों टीम ने कोलंबो में खेलने से इनकार कर दिया। दोनों टीम ने मैच के पॉइंट गंवाए।
बहरहाल एक परंपरा शुरू हो गई और 2003 वनडे वर्ल्ड कप में फिर से यही हुआ। इस बार संयुक्त मेजबान में से एक जिम्बाब्वे में रॉबर्ट मुगाबे के शासन के तरीके के विरोध में इंग्लैंड ने हरारे में जिम्बाब्वे के विरुद्ध खेलने से इनकार कर दिया। एक और मेजबान केन्या में कुछ दिन पहले के बम धमाके से डर, न्यूजीलैंड ने केन्या से नैरोबी में खेलने से इनकार कर दिया। इस बार भी दोनों इनकार करने वाली टीम ने पॉइंट्स गंवाए।