कोलंबो का सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) ग्राउंड सिर्फ इसलिए खास नहीं कि यहां इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेलते हैं, ये तो श्रीलंका क्रिकेट की पहचान है। ये मशहूर तो एसएससी के नाम से है पर लोकल इसे अक्सर 'श्रीलंका का लॉर्ड्स' कहते हैं। कोलंबो के बीचों-बीच बना ये शानदार ग्राउंड सालों से श्रीलंकाई क्रिकेट का सेंटर है। श्रीलंका क्रिकेट का हेड क्वार्टर यहीं है, देश का सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट क्लब यहीं है और कई शानदार प्रदर्शन का गवाह है ये ग्राउंड।
अब, एक नया दौर शुरू हो रहा है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप से पहले यहां फ्लड लाइट्स लगीं और शुरू में तो प्रपोजल ये भी था कि मौजूदा सीरीज में भारत-श्रीलंका टेस्ट पिंक-बॉल से खेलें। अभी तो ऐसा नहीं हो रहा पर स्टेडियम अब अपनी इस नई पहचान और बदलाव के साथ श्रीलंकाई क्रिकेट के पुराने जमाने के आकर्षण को बनाए रखने वाली छवि से बाहर आ रहा है। तब भी, आधुनिकता में भी, एसएससी की पुरानी पहचान कायम है और शायद यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
सिंहली स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना 1899 में हुई और 1952 से ये मेटलैंड प्लेस में मौजूदा कॉम्प्लेक्स में हैं। स्टेडियम बनने से पहले, इस जमीन का दूसरे वर्ल्ड वॉर के दौरान मित्र देशों की सेना ने एक एयरपोर्ट के तौर पर किया था। कोलंबो के पॉश इलाके 'सिनामन गार्डन्स' में आए तो शहर के कुछ और क्रिकेट ग्राउंड की हलचल के मुकाबले यहां बड़ी शांति थी।