आई-लीग 3 के अपने दूसरे ग्रुप-बी मैच में जिंक फुटबॉल एकेडमी (जेडएफए) ने गुरुवार को मुंबई एफसी के साथ 2–2 का रोमांचक ड्रॉ खेला। इंफाल के साई टर्फ ग्राउंड पर हुए इस कड़े मुकाबले का अंत आखिरी पलों में हुए एक नाटकीय बराबरी वाले गोल के साथ हुआ।
यह एक ऐसा मैच था, जिसने खिलाड़ियों के हौसले की परीक्षा ली, और जेडएफए ने इसका करारा जवाब दिया। मुंबई एफसी ने अपने अनुभव और शारीरिक ताकत का इस्तेमाल करते हुए खेल की शुरुआत में ही अपनी पकड़ बना ली थी। उनकी सीधी-सादी रणनीति लंबे पास देने और 'सेकंड बॉल' पर कब्जा करने पर केंद्रित थी। इस टीम ने खेल की शुरुआत में ही जेडएफए के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। इस खतरे को भांपते हुए, जेडएफए ने लगभग 15वें मिनट में अपनी रणनीति में बदलाव किया।
इस बदलाव का मकसद विरोधी टीम पर ज्यादा दबाव बनाना और मुंबई एफसी के 'सेंटर-बैक' खिलाड़ियों को गेंद आगे बढ़ाने से रोकना था। यह रणनीति कामयाब रही।