भारत में तैराकी एक पारंपरिक खेल है। आधुनिक समय में वैश्विक स्तर पर इस खेल को पेशेवर रूप में खेला जाता है। एक पेशेवर खेल के तौर पर तैराकी भारत में विकासशील अवस्था में है। भारत में तैराकी को एक पेशेवर खेल के रूप में स्थापित करने में जिन तैराकों ने अहम भूमिका निभाई है, उसमें खजान सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
खजान सिंह का जन्म 6 मई 1964 को दिल्ली के मुनिरका गांव में हुआ था। उनका पूरा नाम खजान सिंह टोकस है। खजान सिंह ने अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान ही तैराकी में रुचि लेनी शुरू कर दी थी।
1981-82 की नेशनल स्कूल चैंपियनशिप में खजान सिंह ने अपनी पहचान बनाई। इस प्रतियोगिता में उन्होंने पांच स्वर्ण पदक जीते थे। इसके बाद, 1982 में दिल्ली में आयोजित नेशनल एक्वेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने पांच स्वर्ण, दो रजत, और एक कांस्य पदक अपने नाम किए। इसके अगले साल त्रिवेंद्रम में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने सात स्वर्ण, दो रजत, और एक कांस्य पदक जीते।