युवा मामले और खेल मंत्रालय ने भारत के एंटी-डोपिंग कानूनी ढांचे में प्रस्तावित संशोधनों को परामर्श के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखा है। इसका उद्देश्य संगठित डोपिंग गतिविधियों के लिए आपराधिक दंड लागू करना है और एथलीटों को सामान्य एंटी-डोपिंग उल्लंघनों के लिए आपराधिक अभियोजन से बचाना है।
प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य उस व्यापक इकोसिस्टम से निपटना है जो खेल में डोपिंग को संभव बनाता है। इसमें तस्कर, अवैध आपूर्तिकर्ता, संगठित सिंडिकेट और प्रतिबंधित पदार्थों तथा व्यावसायिक वितरण और प्रशासन में शामिल सहायक कर्मचारी शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित ढांचा संगठित डोपिंग नेटवर्क से जुड़ी कई गतिविधियों को अपराध की श्रेणी में लाने का प्रयास करता है। इनमें प्रतिबंधित पदार्थों और तस्करी के तरीकों, अनाधिकृत बिक्री या वितरण, डोपिंग के उद्देश्य से एथलीटों को प्रतिबंधित पदार्थों का प्रशासन, नाबालिगों को ऐसे पदार्थों की आपूर्ति, डोपिंग से संबंधित संगठित व्यावसायिक गतिविधियां, निर्धारित लेबलिंग के बिना प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री, और डोपिंग प्रथाओं को बढ़ावा देने वाले विज्ञापन या सशुल्क प्रचार शामिल हैं।