2014 क्रिकेट लवर्स के लिए धमाकेदार रहने वाला है। साल में क्रिकेट के कई बड़े टूर्नामेंट होने वाले हैं। इसकी शुरूआत 25 फरवरी से शुरू होने वाले एशिया कप से होगी। इस बार एशिया कप का 12वां एडिशन है और बांग्लादेश को इसकी मेजबानी का जिम्मा मिला है।

क्या है एशिया कप 

एशिया  कप  क्रिकेट का एक ऐसा टूर्नामेंट हैं जिसमें एशिया के क्रिकेट खेलने वाले देश हिस्सा लेते हें। इंडिया, पाकिस्तान,श्रीलंका और बंगलादेश की टीमें हमेशा से एशिया कप की सदस्य रही हैं लेकिन इसके अलावा  दो  बार हॉग कॉग और संयुक्त अरब अमीरात की टीमें भी एशिया कप में हिस्सा ले चुकी है। एशिया कप की शुरूआत एशिया के किक्रेट खेलने वाले देशों के आपसी रिश्तों को बेहतर और अधिक अच्छा बनाने के लिए की गई थी । लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ जब इसमें हिस्सा लेने वाले देशों के आपसी रिश्तों में तनाव के कारण इस टूर्नामेंट को रद्द भी करना पड़ा। नियमों के अनुसार सीरिज को हर दो साल में आयोजित किया जाना था लेकिन कई बार देशों के आपसी रिश्ते बिगड़ने के कारण इस सीरिज के आयोजन को कई बार टाला गया। 1983 में एशियन क्रिकेट काउंसिल के गठन के बाद 1984 में पहली बार एशिया कप खेला गया। उस समय एशियन क्रिकेट काउंसिल का हैडक्वॉर्टर संयुक्त अरब अमीरात में था। इसके चलते इसका पहला एडिशन शारजहां में खेला गया। अब तक 11 बार एशिया कप हो चुका है । इस बार बांग्लादेश में एशिया कप का 12वां एडिशन होगा होने वाला है । बांग्लादेश लगातार दूसरी बार एशिया कप की मेजबानी कर रहा है। 

कब-कब औप कहां- कहां हुआ एशिया कप

एशिया कप का पहला एडिशन 1984 में शारजहां में हुआ। एशिया कप का पहला मैच पाकिस्तान और आईसीसी के नए सदस्य श्रीलंका के बीच हुआ था। इस एडिशन में सिर्फ इंडिया और पाकिस्तान श्रीलंका ने ही हिस्सा लिया था। टीम इंडिया दो जीत दर्ज कर के पहली एशिया चैपिंयन बनी थी।

एशिया कप  का दूसरा एडिशन 1986 में श्रीलंका में हुआ था इस बार इसमें इंडिया ने हिस्सा नहीं लिया था। इसका कारण 1985 में श्रीलंका और इंडिया के बीच हुई विवादित सीरिज थी। लेकिन इस बार एशिया कप में बांग्लादेश एक नए सदस्य के रूप में जुड़ा।  इस बार मेजबानी कर रही श्रीलंका ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर कप पर कब्जा किया था।  

1988 में तीसरे एडिशन की मेजबानी का मौका बांग्लादेश को मिला। यह पहली बार था जब बांग्लादेश कोई मल्टी नेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट होस्ट कर रहा था। इस बार फाइनल में इंडिया और श्रीलंका फाइनल में एक दूसरे से भीड़े और श्रीलंका को 6 विकेट से करारी हार मिली। इंडिया दूसरी बार एशिया कप चैंपियन बना था।

1990-91 में एशिया कप का चौथा एडिशन इंडिया में खेला गया।  पहली बार इंडिया एशिया कप होस्ट कर रहा था। इस बार पाकिस्तान ने कप में हिस्सा नहीं लिया। इस का कारण था इंडिया और पाकिस्तान के राजनीतिक हालत ठीक नहीं होना था। इस बार फिर फाइनल इंडिया और श्रीलंका के बीच हुआ। इंडिया लगातार दूसरी बार और कुल तीसरी बार एशिया कप चैंपियन बनी थी।

1993 ने आईसीसी ने एशिया कप के आयोजन को रद्द कर दिया था जिसका कारण था। जिसका कारण था इंडिया और पाकिस्तान के खराब रिश्ते। यह पहली बार था जब एशिया कप का आयोजन रद्द किया गया था। 
1995 में पांचवे एडिशन को शारजहा ने होस्ट किया। 11 साल बाद शारजहां को दोबारा मेजबानी करने का मौका मिला। इस बार फाइनल की रेस मे तीनों टीमें थी। क्योंकि इंडिया, पाकिस्तान और श्रीलंका के बराबर पाइंट थे लेकिन बेहतर रन रेट के चलते इंडिया और श्रीलंका फाइनल में पहुंची। इस बार भी श्रीलंका को इंडिया के हाथों फिर से हार का सामना करना पड़ा। इंडिया लगातार तीसरी बार एशिया कप जीता था जो कि एक रिकॉर्ड है। .

1997 में छठे एडिशन की मेजबानी श्रीलंका ने की। इस बार भी पिछली तीन बार की तरह इंडिया और श्रीलंका की टीम फाइनल में पहुंची। लेकिन इस बार रिजल्ट पिछली तीन बार की तरह नहीं रहा। पिछली तीन बार की चैपियन टीम इंडिया को श्रीलंका के हाथों 8 विकेट की करारी हार मिली । इस तरह से एशिया कप में इंडिया को लगातार चौथी बार चैपिंयन बनने का सपना टूट गया था। 

साल 2000 में दूसरी बार बांग्लादेश को एशिया कप की मेजबानी का मौका मिला। लेकिन इस बार सब कुछ पहले जैसा नहीं था। पहली बार इंडिया एशिया कप के फाइनल में नहीं पहुंच पाई थी। इंडिया केवल एक ही मैच जीत पाई थी वो भी बांग्लादेश के खिलाफ। पाकिस्तान और श्रीलंका फाइनल में पहुंचे थे। लगातार सात बार फाइनल में पहुंची श्रीलंका को इस बार पाकिस्तान के हाथों मात खानी पड़ी और पाकिस्तान पहली बार एशिया कप चैंपियन बना। 

एशिया कप का आठवां एडिशन 2004 में श्रीलंका में हुआ था। इस बार पहली बार टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बदलाव किया गया था औऱ इस बार पहली बार हॉंग कॉंग और यूएई ने एशिया कप में हिस्सा लिया था। इस बार एशिया कप तीन स्टेज में हुआ, ग्रुप स्टेज, सुपर फोर और फाइनल। 3-3 टीमों के दो ग्रुप बनाए गए जिसमें हर टीम को दूसरी टीम के खिलाफ एक मैच खेलना था। दोनों ग्रुपस की दो टॉप टीमें सुपर फोर स्टेज में पहुंच जाती हैं और सुपर फोर की दो टॉप टीमें फाइनल खेलती हैं। इस एडिशन में सुपर फोर की टॉप टीम होने के चलते इंडिया और श्रीलंका फाइनल में पहुंचे थे। लगातार 8वीं बार फाइनल में पहुंची श्रीलंका दूसरी बार एशिया कप चैंपियन बनी थी। श्रीलंका ने इंडिया को 25 रनों से हराया था। 

2008 में एशिया कप के नौंवे एडिशन को पाकिस्तान ने होस्ट किया। इस बार भी 2004 के फॉर्मेट को ही अपनाया गया। सुपर फोर में टॉप करने के बाद इंडिया और श्रीलंका फिर से फाइनल में पहुंची थी। श्रीलंका लगातार नौंवी बार एशिया कप के फाइनल में पहुंची थी। इस बार लगातार दूसरी बार इंडिया को हराकर श्रीलंका चैपिंयन बनी थी। चौथी बार एशिया कप जीतकर श्रीलंका ने कप जीतने के मामले में इंडिया (4) की बराबरी कर ली थी।

2010 में एशिया कप का दसवां एडिशन श्रीलंका में हुआ। यह चौथी बार था जब श्रीलंका एशिया कप की मेजबानी कर रहा था। इस बार हॉंग कॉंग और यूएई टीम ने एशिया कप में हिस्सा नहीं लिया था। इंडिया,पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश ये चार टीमें एशिया कप का हिस्सा थी। इस बार फिर इंडिया औऱ श्रीलंका फाइनल में पहुंची। श्रीलंका रिकॉर्ड 10 बार एशिया कप के फाइनल में पहुंची थी। लेकिन इस बार पिछली दो बार की तरह श्रीलंका को चैंपियन बनना नसीब नहीं हुआ। टीम इंडिया, श्रीलंका को हराकर पांचवी बार एशिया कप चैंपियन बनी थी। इंडिया 15 साल बाद एशिया कप जीती थी। 

2012 में एशिया कप के11वें एडिशन की मेजबानी बांग्लादेश ने की। इस बार का एशिया कप में कुछ ऐसा हुआ जिसके बारे में शुरूआत में किसी ने सोचा नहीं था। एशिया कप की दो टॉप टीमें एशिया कप से बाहर हो गई थी। इंडिया के अलावा 10 बार लगातार फाइनल में पहुंचने वाली श्रीलंका की टीम पहली बार फाइनल में नहीं पहुंची थी। इस बार कमजोर समझी जाने वाली बांग्लादेश की टीम पाकिस्तान के साथ फाइनल पहुंची और पाकिस्तान को कड़ी टक्कर दी। बांग्लादेश केवल 2 रन से ही जीत से दूर रही। बांग्लादेश को हराकर 2012 में पाकिस्तान दूसरी बार एशिया कप चैंपियन बनी

इस बार 2014 में एशिया कप की मेजबानी दोबारा बांग्लादेश कर रहा है। इस बार एशिया में अफगानिस्तान को मिलाकर पांच टीमें हिस्सा ले रही हैं। अफगानिस्तान ने पहली बार एशिया में हिस्सा ले रही है। 

वर्ष     विजेता 
1984 - भारत 
1986 - श्रीलंका 
1988 - भारत 
1990 - भारत 
1995 - भारत 
1997 - श्रीलंका 
2000 - पाकिस्तान 
2004 - श्रीलंका 
2008 - श्रीलंका 
2010 - भारत 
2012 - पाकिस्तान

Team - Cricketnmore

 

 

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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