हाल ही में बंगाल के बल्लेबाज सुदीप घरामी (Sudip Gharami) आंध्र प्रदेश के विरुद्ध क्वार्टर-फाइनल मैच में 299 पर आउट हुए और इस तरह से ऐतिहासिक रणजी ट्रिपल सेंचुरी (300) बनाने से चूक गए। वैसे उनके स्कोर ने बंगाल को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।

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उस दिन कल्याणी में बंगाल क्रिकेट एकेडमी ग्राउंड पर क्रिकेट में निराशा और शानदार प्रदर्शन, दोनों देखने को मिले। सुदीप ने 930 मिनट की पारी में 596 गेंद खेलीं, जिसमें 31 चौके और 6 छक्के शामिल थे पर शेख रशीद की गेंद जैसे ही स्टंप्स पर लगी तो रिकॉर्ड का सपना टूट गया।

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क्रिकेट में जब भी नर्वस नाइंटीज की बात होती है, तो उसमें 99 पर आउट होना अब कोई अद्भुत किस्सा नहीं रह गया, 199 पर आउट होने वाले भी हैं लेकिन 299 पर आउट होना तो सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। देखिए:

टेस्ट क्रिकेट में

99 पर आउट होने वाले: 80

199 पर आउट होने वाले: 12

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299 पर आउट होने वाले: 1

जो खास रिकॉर्ड सुदीप घरामी ने बनाए:

* रणजी ट्रॉफी में 299 पर आउट होने वाले पहले बल्लेबाज। महाराष्ट्र के शांतनु सुगवेकर (Shantanu Sugwekar) ने भी 299 बनाए (1988-89 में मध्य प्रदेश के विरुद्ध) लेकिन वे नॉट आउट रहे।

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* फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 299 पर आउट होने वाले सिर्फ तीसरे बल्लेबाज (अन्य: मार्टिन क्रो और माइक पॉवेल)।

* 930 मिनट की मैराथन पारी, रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए सबसे लंबी पारी है।

अब ये तो समय ही बताएगा कि BCCI की सीनियर सिलेक्शन कमेटी सुदीप घरामी की परफॉर्मेंस पर कितना ध्यान देती है। बात सिर्फ इस एक पारी की नहीं (इसे देखने वालों में नेशनल सिलेक्टर आरपी सिंह भी थे), पूरे सीजन में उनके प्रदर्शन (14 पारी में 56.92 औसत से 797 रन, 3 सेंचुरी जिसमें पहला फर्स्ट-क्लास 200 स्कोर शामिल है और सेमीफाइनल स्टेज तक रन चार्ट में नंबर 4) की है।

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वैसे 299 के स्कोर पर ट्रिपल सेंचुरी चूकने का किस्सा कोई कम मजेदार नहीं:

* फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 299 पर आउट होने वाले पहले बल्लेबाज: न्यूजीलैंड के मार्टिन क्रो (Martin Crowe), 1990-91 में वेलिंगटन में श्रीलंका के विरुद्ध एक टेस्ट में। ऐसा लगा कि मार्टिन 300 के माइलस्टोन के दबाव में आ गए और अर्जुन रणतुंगा की एक हल्की मीडियम-पेस डिलीवरी पर बीट हो गए। बाद में मार्टिन क्रो ने लिखा, ‘मैं पूरे ध्यान से नहीं खेला। 299 पर आउट- काश कोई कह देता कि ये सच नहीं है! जब मुझे एहसास हुआ कि ये मौका शायद फिर कभी न मिले, मेरे आंसू बह निकले।’ वह बिल्कुल सही थे।

* फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 299 रन पर आउट होने वाले दूसरे बल्लेबाज: ग्लेमोर्गन के माइकल पावेल (Michael Powell), 2006 में चेल्टेनहैम में ग्लूस्टरशायर के विरुद्ध एक चैंपियनशिप मैच में। रिकॉर्ड बनाते तो वे चेल्टेनहैम कॉलेज में 300 बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन जाते (पहले: डब्ल्यूजी ग्रेस)।

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* फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 299* बनाने वाले पहले बल्लेबाज: ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन (Don Bradman), 1931-32 में एडिलेड में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध टेस्ट में। नंबर 11 ह्यूग "पुड" थर्लो (Hugh "Pud" Thurlow) के रन आउट होने से ब्रैडमैन फंस गए। वैसे, कई क्रिकेट इतिहासकार का मानना है कि खुद ब्रैडमैन ही, उनके रन आउट के लिए जिम्मेदार थे। थर्लो एक रन बना, स्ट्राइक ब्रैडमैन को देना चाहते थे पर ब्रैडमैन ने उन्हें वापस भेज दिया। ये थर्लो का टेस्ट डेब्यू था- अपने इस इकलौते टेस्ट में न कोई रन बनाया, न विकेट लिया और न ही कोई कैच पकड़ा।

* फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 299* बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज: महाराष्ट्र के शांतनु सुगवेकर, 1988-89 में पुणे में मध्य प्रदेश के विरुद्ध रणजी ट्रॉफी मैच में। उनके साथ नंबर 11 अनिल वाल्हेकर थे जिन्होंने आउट होने से पहले 110 मिनट बैटिंग की, 38 रन बनाए और 102 रन की पार्टनरशिप की। सुगवेकर अपने पार्टनर के बारे में ज़्यादा परेशान थे, ‘जैसे ही अनिल ने स्टंप हिलते देखे, वह रोने लगे। वह इतना रो रहे थे कि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं? मैंने उनसे कहा ‘जो होता है होता है’। ये तो पवेलियन लौटने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं 300 बनाने से चूक गया।’

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वैसे 300 बनाने से चूकने की स्टोरी में वीरेंद्र सहवाग का तीन 300 बनाने से चूकने (ऐसा रिकॉर्ड बनाने वाले पहले खिलाड़ी बनते) का किस्सा बड़ा मजेदार है। 2009 में श्रीलंका के विरुद्ध मुंबई टेस्ट में दूसरे दिन का खेल खत्म होने के करीब था और सहवाग 300 की तरफ बढ़ रहे थे। तब पिच पर पार्टनर राहुल द्रविड़ ने सलाह दी कि संयम रखें, दिन निकाल लें और अगली सुबह 300 पूरे करें। सहवाग ने सलाह मान ली और आखिर में 284* पर थे। अगली सुबह मुरलीधरन ने चैन न लेने दिया और सहवाग को 293 पर आउट कर दिया। सहवाग को आज भी अफसोस है, ‘मुझे द्रविड़ की सलाह नहीं माननी चाहिए थी। उस दिन मुरली को जैसे खेल रहा था तो मौका छोड़ना ही नहीं चाहिए था।’

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Charanpal Singh Sobti
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