भारत को Champions Trophy 2025 जिताने में अहम रोल निभाने वाले मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर दिलचस्प बातें कही हैं। एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान वरुण ने माना कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट का शौक है, लेकिन उनका बॉलिंग स्टाइल और फिटनेस उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलने से रोकती है। 

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वरुण ने कहा, "मुझे टेस्ट खेलने का मन तो है, लेकिन मेरी बॉलिंग स्टाइल फिट नहीं बैठती। मैं तेज़ गति से बॉलिंग करता हूं, लगभग मीडियम पेस जैसी। टेस्ट में तो 20-30 ओवर लगातार डालने होते हैं। मैं ज़्यादा से ज़्यादा 10-15 ओवर ही डाल सकता हूं। इसलिए अभी 20 ओवर और 50 ओवर के क्रिकेट पर फोकस कर रहा हूं।"

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2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने वाले वरुण ने टी20 में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे सिलेक्टर्स का भरोसा जीतकर वो वनडे स्क्वाड में आए। सिर्फ एक वनडे मैच के अनुभव के साथ वो ICC Champions Trophy 2025 खेलने गए और तीन मैचों में 9 विकेट चटकाए। सेमीफाइनल और फाइनल में उनकी बॉलिंग ने भारत को चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।

स्पिनर बनने का फैसला सही साबित हुआ
वरुण ने अपने करियर की शुरुआत एक विकेटकीपर के तौर पर की थी। कॉलेज के दिनों में वो तेज़ गेंदबाज बने, लेकिन चोट लगने के बाद उन्होंने स्पिन बॉलिंग को अपनाया। वो मानते हैं कि यह फैसला सही रहा। "मुझे कोई अफसोस नहीं है कि मैंने तेज़ गेंदबाजी छोड़ी। अगर मैं वही करता तो वहीं फंस जाता। तमिलनाडु में विकेट्स स्पिनर्स के लिए ज्यादा अनुकूल हैं। तेज़ गेंदबाज बहुत कम निकलते हैं। मैं खुश हूं कि स्पिन को अपनाया। अश्विन भी पहले पेसर थे, बाद में स्पिनर बने।"

अब जब IPL 2025 करीब है, वरुण चक्रवर्ती की नजरें अपनी परफॉर्मेंस को और मजबूत करने पर हैं। टी20 और वनडे में उनका सफर लगातार ऊपर की तरफ जा रहा है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में वो फिलहाल खुद को नहीं देख रहे।

लेखक के बारे में

Ankit Rana
Media Graduate | Cricket & Film Enthusiast | Sharing insights, stories, and analysis on the latest in cricket and cinema. Join me for in-depth content and engaging discussions! Read More
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