मुंबई, 7 मई | साउथ अफ्रीका और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स के सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने अपने मेंटर राहुल द्रविड़ की तारीफ की। क्विंटन ने कहा कि पूर्व भारतीय बल्लेबाज से मिली आत्मविश्वास और सलाह से युवा क्रिकेट खिलाड़ियों और क्रिकेट के मैदान में अपनी सीमित क्षमता से बाहर आकर खेलने में मदद मिली है।

आईपीएल के आठों संस्करणों में धीमी गति को देखते हुए भारत के पूर्व कप्तान द्रविड़ को दिल्ली के मेंटर के रूप में नियुक्त किया गया, जिससे टीम की स्थिति में सुधार हो सके। द्रविड़ ने कोच पेड्डी उप्टन के साथ चीजों में बदलाव किया और इसके परिणामस्वरूप अंक तालिका में सबसे नीचे रहने वाली टीम दिल्ली अन्य टीमों को पछाड़ते हुए आगे बढ़ रही है।

एक साक्षात्कार में क्विंटन ने आईएएनएस को बताया, "राहुल का टीम के साथ रहना अच्छा है, विशेषकर युवा खिलाड़ियों के साथ। उन्होंने हमारा काफी मार्गदर्शन किया है और यहां तक आने में काफी मदद की है। उनके जैसा मेंटर होना अच्छी बात है। इससे हमें मैदान में जाकर बिना किसी दबाव के खेलने में मदद मिली है।"

क्विंटन ने आगे कहा, "उन्होंने मुझे कभी भी टिप्स नहीं दिए, क्योंकि वह जानते हैं कि मैं स्वयं काफी अच्छा क्रिकेट खेलता हूं और जानता हूं कि गेंद और बल्ले के साथ कैसे बेहतर तरीके से खेलना है। इसलिए उन्होंने मुझे अधिक सुझाव नहीं दिए, लेकिन निश्चित तौर पर युवा खिलाड़ियों को उनके सुझाव और समर्थन जरूर मिले होंगे।"

दक्षिण अफ्रीका के 23 वर्षीय खिलाड़ी अपने देश और दिल्ली के लिए अच्छे फार्म में हैं। वह भारत में जारी आईपीएल के नौवें संस्करण में शतक जड़ने वाले बल्लेबाज भी हैं। क्विंटन ने कहा, "मैंने अधिक मेहनत नहीं की, बस अच्छी किस्मत होने की बात है। पिछले साल मेरा वक्त यहां काफी अच्छा था और मुझे फिर से अच्छे रन बनाने और फार्म में रहकर अच्छा लग रहा है। इसमें कोई जादू नहीं है, मेरे ख्याल से यह किस्मत की बात है।"

भारत के विराट कोहली, इंग्लैंड जोए रूट और न्यूजीलैंड के केन विलियमसन जैसे खिलाड़ियों के साथ शीर्ष बल्लेबाजों की सूची में रहने के बावजूद क्विंटन का मानना है कि वह अन्य खिलाड़ियों को चुनौती देने जितना सक्षम नहीं हैं, लेकिन अधिक से अधिक रन बनाने की भूख ही उन्हें इस सूची में लाई है। क्विंटन ने कहा, "मैं शीर्ष खिलाड़ियों के साथ शामिल रहने के लिए नहीं खेलता। मैं आश्वस्त हूं कि उनका भी ऐसा मानना है। हम सिर्फ खेलते हैं, कोशिश करते हैं और अधिक से अधिक रन बनाना चाहते हैं।"

टी-20 के बाद टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर बाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, "मुझे लगता है कि अभी टेस्ट क्रिकेट में भागेदारी होगा। मुझे लगता है कि लोग ऐसी अटकलें लगाते हैं। शायद उन्हें पता न हो कि क्रिकेट के अंदर क्या चल रहा है। मैं लंबे प्रारूप को प्राथमिकता देता हूं।" अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के कराए मुकाबलों में दक्षिण अफ्रीका की मंद गति के बारे में निराशा जताते हुए क्विंटन ने कहा कि खेल के मुख्य अवसरों में चूक होने के कारण ही देश विश्व खिताब जीतने में नाकामयाब रहा।

क्विंटन ने कहा, "मुझे लगता है कि आईसीसी और विश्व प्रतियोगिता में दक्षिण अफ्रीका की किस्मत है, जिस कारण ऐसा होता है। भाग्य हमारे साथ नहीं होता। मैंने इतने वर्षो में जो देखा है, उससे ऐसा ही लगा है कि हम मुख्य अवसरों पर चूक जाते हैं।" क्विंटन ने कहा कि लासिथ मलिंगा बल्लेबाज का मुकाबला करना उनके लिए सबसे मुश्किल रहा है।

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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