कोलंबो में यूएसए के खिलाफ खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के अहम मैच में बेशक पाकिस्तान को आसान जीत मिल गई लेकिन इस मैच के बाद उनके स्पिनर उस्मान तारिक एक बार फिर से अपने बॉलिंग एक्शन के चलते सुर्खियों में आ गए। तारिक के बॉलिंग एक्शन को लेकर कई पूर्व क्रिकेटर्स ने भी अलग-अलग राय दी और इसी कड़ी में पूर्व भारतीय विकेटकीपर श्रीवत्स गोस्वामी और अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी आपस में भिड़ गए।
इन दोनों पूर्व क्रिकेटर्स के बीच सोशल मीडिया पर तारिक के बॉलिंग एक्शन को लेकर काफी बहस देखने को मिली। ये बहस तारिक के डिलीवरी स्ट्राइड में विवादित “पॉज़”को लेकर रही। ये चर्चा तब शुरू हुई जब अश्विन ने तारिक के एक्शन की आलोचनाओं पर अपनी राय दी, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया कि लीगैलिटी से जुड़े सवालों पर लगातार ध्यान दिया जाना चाहिए और खेल में स्विच-हिट जैसे दूसरे इनोवेशन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। हालांकि, गोस्वामी ने अपना जवाब पूरी तरह से डिलीवरी से पहले पॉज़ पर फोकस किया।
गोस्वामी ने अपन आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिख, "बहस को “बॉलर बनाम बैटर” के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इस बारे में होना चाहिए कि क्या पॉज़ खुद खेल की रिदम को तोड़ता है। रिवर्स स्वीप पहली बार 1964 में खेला गया था और इस पर अभी भी बहस हो सकती है? ठीक है। हम यहां ‘पॉज़’ की बात कर रहे हैं। ‘पॉज़’।”
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गोस्वामी ने इस विवाद में तारिक के डिलीवरी स्ट्राइड में पॉज़ की तुलना दूसरे खेल के नियमों से की। गोस्वामी ने बताया कि फुटबॉल में, खिलाड़ी पेनल्टी रन-अप के दौरान पॉज़ नहीं कर सकते, जिससे पता चलता है कि अगर पॉज़ से डिलीवरी की फेयरनेस पर असर पड़ता है तो क्रिकेट बॉलर्स पर भी ऐसी ही रोक लगनी चाहिए। हालांकि, भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रविचंद्रन अश्विन ने थोड़ा अलग रुख अपनाया। अश्विन ने खेल के नियमों में गड़बड़ी पर ज़ोर दिया, जिसमें कहा गया कि बैट्समैन अंपायर को बताए बिना स्विच-हिट या रिवर्स स्वीप जैसे नए स्ट्रोक खेलने के लिए आज़ाद हैं, फिर भी बॉलर बिना पहले से बताए जिस हाथ से बॉलिंग करते हैं, उसे नहीं बदल सकते। अश्विन ने कहा कि बॉलर्स पर ऐसी पाबंदियों की दोबारा जांच होनी चाहिए, इससे पहले कि वो अजीब बॉलिंग स्टाइल पर शक करें।