जिम्बाब्वे के बाएं हाथ के बल्लेबाज गैरी बैलेंस (Gary Balance Test Century) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे पहले टेस्ट में इतिहास रच दिया। जिम्बाब्वे के लिए टेस्ट डेब्यू करते हुए अपनी पहली ही पारी में शतक जड़ दिया। बैलेंस टेस्ट क्रिकेट के 145 सालों के इतिहास में दो देशों के लिए शतक जड़ने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं।
करीब 6 साल बाद टेस्ट मैच खेल रहे बैलेंस इससे पहले इंग्लैंड क्रिकेट टीम का हिस्सा थे। वह इंग्लैंड के लिए 23 टेस्ट खेले, जिसमें उन्होंने 4 शतक जड़े। उनसे पहले दो देशों के लिए टेस्ट शतक जड़ने का कारनामा सिर्फ केप्लर वेसल्स ने किया था। वेसल्स ने ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट शतक जड़ा था।
नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने आए बैलेंस ने 126 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। लेकिन इसके बाद उन्होंने रनों की रफ्तार को बढ़ाया और 189 गेंदों में सैंकड़े के आंकड़े को छू लिया।
बैलेंस का जन्म जिम्बाब्वे में हुआ था और वह 2006 अंडर 19 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे की टीम का हिस्सा थे। इसके बाद वह क्रिकेट खेलने इंग्लैंड चले गए ते और उन्होंने 2014 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड के लिए टेस्ट डेब्यू किया।
पिता और बेटे की टीम के खिलाफ शतक
इससे पहले बैलेंस ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अप्रैल 2015 में एंटीगुआ में खेले गए टेस्ट में शतक जड़ा था। दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए बैलेंस ने 122 रनों की पारी खेली थी। दिग्गज बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपॉल उस वेस्टइंडीज टीम का हिस्सा थे। अब शिवनारायण चंद्रपॉल के बेटे तेजनारायण भी इस वेस्टइंडीज टीम का हिस्सा हैं।
Also Read: क्रिकेट के अनसुने किस्से
इससे पहले बैलेंस ने जिम्बाब्वे के लिए वनडे और टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था।
बता दें कि वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 447 रन बनाकर पारी घोषित कर दी थी। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में बिना कोई विकेट गवाएं 21 रन बना लिए हैं और कुल बढ़त 89 रन की हो गई है।