टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एम एस धोनी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। धोनी ने क्रिकेट के मैदान पर ऐसे-ऐसे अहम फैसले लिए हैं जिसने टीम इंडिया को हारी हुई बाजी भी जीता दी थी। धोनी के क्रिकेटिंग ब्रेन का ऐसा ही शानदार उदाहरण देखने को मिला था आईसीसी 2013 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में।

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धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड की टीम को 5 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया था। बारिश के कारण फाइनल मैच को 50 ओवर की जगह 20-20 ओवर का कर दिया गया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 129 रन बनाए थे। जीत के लिए मिले 130 रन के टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम धोनी के वार से उबर नहीं पाई और महज 124 रन ही बना सकी थी।

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इस मैच को जीतने के बाद प्रजेंटेशन के दौरान पूर्व इंग्लैंड के कप्तान नासिर हुसैन ने धोनी के साथ बातचीत के दौरान उनसे पूछा था कि आपने अपने लड़कों से क्या कहा जब आपके पास डिफेंड करने के लिए महज 130 ही रन थे। धोनी ने इस सवाल के जवाब में कहा, 'पहली चीज जो मैंने कही की आकाश में मत देखो। भगवान हमें बचाने के लिए नहीं आने वाला है। जो कुछ करना है वो हमें करना है।'

बता दें कि धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने  2007 में टी20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप और 2013 में चैंपियंस ट्राफी का खिताब अपने नाम किया है। धोनी के इंटरनेशनल करियर की बात करें तो फिर उन्होंने 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 मैच खेलकर करीब 17,000 रन भी बनाए हैं। वनडे में धोनी की औसत 50 रन से ज्यादा है। 

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Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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