भारतीय क्रिकेट टीम को चेन्नई टेस्ट के पांचवें दिन मंगलवार को चायकाल से पहले ही इंग्लैंड के हाथों 227 रनों से करारी हार मिली लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इस हार की पटकथा चौथे दिन लंच से पहले ही लिखी जा चुकी थी।
अब आप कहेंगे कि कैसे? तो इससे पहले यह जानना होगा कि पहली पारी में 578 रन बनाने के बाद इंग्लैंड ने भारत की पहली पारी 337 रनों पर समेट दी थी। उसे 241 रनों की लीड मिली थी। इंग्लैंड ने भारत को फॉलोऑन नहीं खिलाया और दूसरी पारी में 178 रन बनाकर भारत को 420 रनों का टारगेट दिया।
इंग्लिश पारी चौथे दिन लंच से पहले समाप्त हुई थी। इंग्लिश पारी के 16वें ओवर की तीसरी गेंद पर इशांत शर्मा ने डैन लॉरेंस को पगबाधा आउट किया था। यह इशांत के करियर का 300वां विकेट था। साथ ही यह दिन का 37वां ओवर था। इनमें से 21 ओवर भारत ने खेले थे और इस दौरान चार विकेट गंवाए थे।
लॉरेंस जिस गेंद पर आउट हुए थे, वह टप्पा खाने के बाद सांप की तरह विकेट में घुसी। लॉरेंस कुछ नहीं समझ सके और प्लम्ब हो गए। भारत के लिए यह खुशी का पल था लेकिन साथ ही इससे यह साबित हो गया कि भारत के लिए आगे की राह बेहद मुश्किल होने वाली है। लॉरेंस का विकेट 58 के कुल योग पर गिरा था और तब तक इंग्लैंड को 298 रनों की लीड मिल चुकी थी। अगर इंग्लिश टीम इसी योग पर आउट भी जाती तो भी भारत के लिए यह मैच जीतना आसान नहीं था।
इंग्लिश कप्तान जो रूट ने टॉस जीतकर विकेट का भरपूर लाभ उठाया। उनकी टीम ने मैच जीतने योग्य स्कोर खड़ा किया लेकिन जब विकेट टूटने लगी तो रन बनाना मुश्किल हो गया। तीसरे दिन विकेट पर बड़े-बड़े फुटप्रिंट थे। स्पिनर इसका फायदा उठाने को तैयार थे। चौथे दिन तो तेज गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग भी मिलने लगी। यह इस मौसम में चेन्नई के लिहाज से बिल्कुल भी सामान्य स्थिति नहीं थी।
रविचंद्रन अश्विन ने छह विकेट और शाहबाज नदीम ने दो विकेट लेकर इंग्लैंड की दूसरी पारी 178 रनों पर समेट दी। इसके बाद जैक लीच ने दिन का खेल खत्म होने तक रोहित शर्मा को आउट कर भारत को बड़ा झटका दिया। पांचवें दिन 38 साल के जेम्स एंडरसन ने अपने रिवर्स स्विंग से शुभमन गिल और अजिंक्य रहाणे को आउट कर भारत को हार की ओर धकेल दिया।
साथ ही जैक लीच ने विकेट की मदद लेकर चार विकेट लिए। लीच की जिस गेंद पर रोहित आउट हुए थे, उसमें गजब का टर्न था। अगर स्पिनरों को टर्न, फुटप्रिंट्स से मदद और स्विंग गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग मिल रही हो तो फिर भारत के लिए 420 का लक्ष्य पाना लगभग नामुमकिन था। इस मैच में इंग्लैंड के पेसरों को नौ विकेट मिले जबकि स्पिनरों ने 11 विकेट लिए।
लेकिन अगर यह कहा जाए कि इंग्लिश टीम सिर्फ अपने अच्छे खेल के कारण जीती है तो गलत होगा। उसकी जीत में भारत की खराब बैटिंग का भी योगदान है। पहली पारी में रोहित, कोहली और रहाणे का बल्ला नहीं चला। शुभमन गिल अच्छा खेल रहे होने के बावजूद अपनी पारी को बड़ा आकार नहीं दे सके। यह समस्या उनके साथ डेब्यू से ही देखी जा रही है।
दूसरी पारी में रोहित, रहाणे, पुजारा और ऋषभ पंत नहीं चले। गिल ने 50 रन बनाए लेकिन यह जान रहे होने के बावजूद कि इससे टीम का काम नहीं चलने वाला है वह विकेट पर टिके रहने की जिद नहीं दिखा सके। 50 रनों में गिल ने 34 रन बाउंड्री से बनाए। कुल मिलाकर उनका फ्लैमबॉएंट रूप भारत को महंगा पड़ता नजर आ रहा है।
कप्तान कोहली ने मैच के बाद स्वीकार किया कि आक्रामकता का अभाव और खराब शारीरिक भाषा टीम की हार की वजह रही। कोहली ने यह भी कहा कि उनके शीर्ष चार बल्लेबाजों को रन बनाना होगा और साथ ही साथ वह एक बल्लेबाज के रूप में वह अपने फैसलों की समीक्षा करेंगे।