13 मार्च। भारतीय क्रिकेट टीम बुधवार को फिरोज शाह कोटला मैदान पर साख की लड़ाई हार गई। आस्ट्रेलिया ने उसे पांचवें और निणार्यक वनडे मैच में 35 रनों से हरा दिया। इसी के साथ आस्ट्रेलिया ने शुरुआती दो मैच गंवाने के बाद भी लगातार तीन मैच जीत 3-2 से सीरीज अपने नाम की और दस साल बाद भारत में वनडे सीरीज जीतने का सम्मान हासिल किया।

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आस्ट्रेलियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम के सामने 273 रनों का लक्ष्य रखा, लेकिन भारतीय टीम 50 ओवरों में सभी विकेट खोकर 237 रन ही बना सकी। आस्ट्रेलिया की भारत में यह 10 साल बाद पहली वनडे सीरीज जीत है। इससे पहले उसने 2009 में भारतीट टीम को उसके घर में हराया था।

केदार जाधव (44) और भुवनेश्वर कुमार (46) ने सातवें विकेट के लिए 91 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाने की कोशिश की लेकिन वे अपने प्रयास को अंजाम तक नहीं पहुंचा सके। 

यह भारतीय टीम की अपने घर में 2015-16 के बाद से पहली वनडे सीरीज हार है। इसी के साथ वह अपने घर में लगातार सातवीं वनडे सीरीज दर्ज करने से चूक गई। वहीं आस्ट्रेलिया चौथी ऐसी टीम बनी है जिसने शुरुआती दो मैच हारने के बाद सीरीज अपने नाम की हो। ऐसा सिर्फ पांचवीं बार हुआ है जब किसी टीम ने शुरुआती दो मैच गंवाने के बाद सीरीज जीती हो। 
 

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आस्ट्रेलिया से मिले 273 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरा भारतीय टीम अच्छी शुरूआत नहीं कर सकी। शिखर धवन 12 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट लिए। तब टीम का कुल स्कोर 15 रन था। अपने घरेलू मैदान पर कप्तान विराट कोहली सिर्फ 20 रन ही बना सके और मार्कस स्टोइनिस की गेंद पर विकेट के पीछे एलेक्स कैरी के हाथों लपके गए।

चौथे नंबर पर ऋषभ पंत आए लेकिन सिर्फ 16 रन ही बना सके। विजय शंकर (16) भी कमाल नहीं दिखा पाए और 120 के कुल स्कोर पर जाम्पा का पहला शिकार बने।

रोहित शर्मा (56) से भारत को उम्मीदें थीं लेकिन जम्पा ने उन्हें 132 के कुल स्कोर पर अपना दूसरा शिकार कर भारत की उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया। रवींद्र जडेजा खाता भी नहीं खोल पाए। 

अंत में केदार और भुवनेश्वर ने बेहतरीन साझेदारी कर भारतीय टीम की जीत की उम्मीदें जगाईं लेकिन 46वें ओवर की आखिरी गेंद पर कमिंस ने भुवी को फिंच के हाथों कैच करा इन उम्मीदों को झटका दिया और फिर अगले ओवर की पहली गेंद पर झाए रिचर्डसन ने जाधव का विकेट लेकर भारतीय टीम की हार एक तरह से तय कर दी। 

भुवनेश्वर ने 54 गेंदों की पारी में तीन चौके और दो छक्के लगाए। जाधव ने 57 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का मारा। कुलदीप नौ रन और मोहम्मद शमी तीन रन बनाकर आउट हुए। आखिरी गेंद पर स्टोइनिस ने कुलदीप को आउट कर भारतीय पारी का अंत किया। 

आस्ट्रेलिया के लिए जम्पा ने तीन और पैट कमिंस, झाए रिचर्डसन तथा मार्कस स्टोइनिस ने दो-दो जबकि नाथन लॉयन ने एक विकेट लिया। 

इससे पहले, भारतीय गेंदबाजों ने एक बार फिर मध्य के ओवरों में वापसी करते हुए आस्ट्रेलिया को बड़ा स्कोर करने से रोक दिया। अच्छी शुरुआत के बाद आस्ट्रेलिया पूरे 50 ओवर खेलने के बाद भी नौ विकेट खोकर 272 रन ही बना सकी।

एक समय लग रहा था कि आस्ट्रेलियाई पारी आसानी से 300 के पार पहुंच जाएगी लेकिन भारतीय गेंदबाजों में आखिरी के 20 ओवरों में सिर्फ 111 रन दिए और आठ विकेट लेकर उसे बड़े स्कोर से महरूम कर दिया।

30 ओवरों में आस्ट्रेलिया का स्कोर 161 रनों पर एक विकेट था, लेकिन इसके बाद आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज न रन बना सके और न विकेट बचा सके। 48वें ओवर में आए 19 रनों के दम पर आस्ट्रेलिया 260 के पार जा सकी। 

इस मैच से पहले का मैदान का इतिहास बताता है कि इस मैदान पर सिर्फ दो बार ही 250 से ज्यादा का स्कोर हासिल किया जा सका है। 

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आस्ट्रेलिया को कप्तान एरॉन फिंच (43) और उस्मान ख्वाजा ने मजबूत शुरूआत दी और पहले विकेट के लिए 14.3 ओवरों में 76 रनों की साझेदारी की। तेज गेंदबाजों की विफलता के बीच विराट कोहली ने स्पिनरों को लगाया और रवींद्र जडेजा ने एक बेहतरीन गेंद पर फिंच को बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिलाई। 

फिंच के जाने के बाद ख्वाजा और पीटर हैंड्सकॉम्ब ने आस्ट्रेलियाई स्कोरबोर्ड को अच्छे से चालू रखा। ख्वाजा ने 32वें ओवर की पांचवीं गेंद पर एक रन लेकर अपना दूसरा शतक पूरा किया जिसके लिए उन्होंने 102 गेंदों का सामना किया।

इससे पहले पंत ने 32वें ओवर की दूसरी गेंद पर कुलदीप की गेंद पर हैंड्सकॉम्ब का कैच छोड़ कर मौका गंवा दिया। ख्वाजा अगले ओवर की आखिरी गेंद पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर शॉर्ट कवर्स पर कोहली को आसान सा कैच दे बैठे। उनका विकेट 175 रनों के कुल स्कोर पर गिरा। ख्वाजा और हैंड्सकॉम्ब ने दूसरे विकेट के लिए 111 गेंदों पर 99 रनों की साझेदारी की।

ग्लैन मैक्सवेल (1) इस मैच में कुछ नहीं कर सके और अगले ओवर में जडेजा का शिकार बने। इस बीच हैंड्सकॉम्ब ने कुमार की गेंद पर एक रन लेकर अपने 50 रन पूरे किए। इसके लिए उन्होंने 55 गेंदें खेलीं। अर्धशतक पूरा करने के बाद हैंड्सकॉम्ब, शमी का शिकार हो हए। उन्होंने 59 गेंदों पर कुल 52 रन बनाए। हैंड्सकॉम्ब का विकेट 182 के कुल स्कोर पर गिरा। 

यहां से भारतीय गेंदबाजी हावी हो गए और आस्ट्रेलिया की रन गति पर अंकुश लगा दिया। मार्कस स्टोइनिस, एश्टन टर्नर ने 20-20, झाए रिचर्डसन ने 29 और पैट कमिंस ने 15 रन बनाए।

भारत के लिए भुवनेश्वर कुमार ने तीन विकेट लिए। मोहम्मद शमी और रवींद्र जडेजा ने दो-दो विकेट। कुलदीप यादव ने एक विकेट लिया। 

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Vishal Bhagat
Vishal Bhagat - A cricket lover, Vishal is covering cricket for the last 5 years and has worked with the Dainik Bhaskar group in the past. He keeps a sharp eye on the record being made in the cricket world and takes no time to present it to the viewers in the form of articles. Read More
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