भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफ़ान पठान का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर पक्षपात को लेकर तंज कसा था। पठान ने कहा था कि उनका ध्यान हमेशा मैदान पर प्रदर्शन करने पर था, न कि कप्तान को खुश करने पर।
जब पठान को इस वीडियो के चलते सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा तो पठान ने 2020 के अपने इस पुराने इंटरव्यू को लेकर अपना पक्ष रखा और एक ट्रोलर की बोलती भी बंद कर दी। इरफ़ान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर "फैन वॉर" और एक "पीआर लॉबी" की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि उस इंटरव्यू में एमएस धोनी के बारे में उनके बयानों को गलत संदर्भ में लिया गया था।
पठान ने उस इंटरव्यू में ये कहा था कि सीनियर राष्ट्रीय टीम में चयन सुनिश्चित करने के लिए किसी क्रिकेटर के होटल के कमरे में हुक्का बार लगाने की उनकी आदत नहीं है। हालांकि, हुक्का वाली टिप्पणी करते समय इरफ़ान ने सीधे तौर पर धोनी का नाम नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया पर ये अटकलें लगाई जाने लगीं कि पूर्व बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ धोनी का ज़िक्र ही कर रहे थे और उन पर टीम में पसंदीदा खिलाड़ियों को रखने का आरोप लगा रहे थे।
इस वीडियो के लिए पठान को जब एक ट्रोलर ने ट्रोल करने की कोशिश की तो पूर्व ऑलराउंडर ने इस यूज़र को भी चुप करा दिया। इस यूजर ने पठान को टैग करते हुए लिखा, 'पठान भाई वो हुक्के का क्या हुआ?'
इस यूजर को उसी की भाषा में जवाब देते हुए पठान ने कहा, "मैं और धोनी साथ बैठकर हुक्का पिएंगे।"
बता दें कि धोनी की कप्तानी के शुरुआती वर्षों में इरफ़ान भारत के प्रमुख गेंदबाज़ों में से एक थे। 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप की जीत में, उन्होंने अहम भूमिका निभाई और उस फॉर्म को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय दौरों पर भी बरकरार रखा, जिसमें 2008 में ऑस्ट्रेलिया में भारत की ऐतिहासिक त्रिकोणीय सीरीज जीत भी शामिल है। हालांकि, चोट के चलते उनका करियर ज्यादा लंबा ना हो सका और 2012 में अपने अंतिम वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच में पांच विकेट लेने के बावजूद, इरफ़ान को टीम से बाहर कर दिया गया।