भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी बेशक इस समय टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं लेकिन लगता है कि वो हार मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने एक बार फिर अजीत अगरकर की अगुवाई वाली BCCI सिलेक्शन कमिटी को याद दिलाया है कि उनमें कितना दम बाकी है। पश्चिम बंगाल के कल्याणी स्टेडियम में चल रहे रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के खिलाफ आठ विकेट लेकर तहलका मचा दिया।
रणजी ट्रॉफी के इस सेमीफाइनल मैच के दूसरे दिन जम्मू-कश्मीर लाइन-अप के पहले पांच विकेट लेने के बाद, 35 साल के इस खिलाड़ी ने तीसरे दिन तीन और विकेट लिए।शमी की धारदार गेंदबाजी के आगे जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। ये प्रदर्शन शमी के करियर का सबसे अच्छा प्रदर्शन भी रहा। उन्होंने आखिर में 90 रन देकर 8 विकेट चटकाए, जिससे जम्मू-कश्मीर बंगाल के पहली पारी के 328 रन के जवाब में 302 रन पर ऑल आउट हो गया।
इस मैच से पहले, रणजी ट्रॉफी में शमी का सबसे अच्छा प्रदर्शन 79 रन देकर 7 विकेट था। शमी घरेलू क्रिकेट में लगातार सक्रिय हैं और लगातार अपने प्रदर्शन से दिखा रहे हैं कि वो अभी भी टीम इंडिया में वापसी करने के लिए तत्पर हैं लेकिन सेलेक्टर्स लगता है कि शमी की बारी आंखें बंद करके बैठे हैं, या फिर वो शमी से काफी आगे बढ़ चुके हैं।शमी ने साल 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी में आखिरी बार टीम इंडिया के अपना आखिरी मैच खेला था।
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इसके बाद से ही वो टीम से बाहर चल रहे हैं लेकिन शमी घरेलू क्रिकेट में धमाल मचाकर अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति का ध्यान लगातार खींचने में लगे हुए हैं। इस स्टार गेंदबाज़ ने बंगाल के लिए इस रणजी ट्रॉफी सीजन में 7 मैचों की 12 पारियों में 34 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान शमी का औसत भी 17.29 का रहा है जो दिखाता है कि वो कितने गज़ब के फॉर्म में हैं। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय चयन समिति कब तक शमी को इग्नोर करती है।