लाहौर, 20 अक्टूबर।| पाकिस्तानी खेल जगत ने सोमवार को मुंबई स्थित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मुख्यालय पर बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष शहरयार खान के बीच प्रस्तावित बैठक का उग्र विरोध करने के लिए शिव सेना की जमकर निंदा की।

शशांक और शहरयार दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध बहाली के मुद्दे पर सोमवार को चर्चा करने वाले थे, लेकिन इस बैठक का विरोध करते हुए शिव सेना के करीब 70 कार्यकर्ता शशांक के कार्यालय में घुस आए और नारेबाजी करने लगे। शिवा सेना के उग्र विरोध प्रदर्शन के चलते दोनों देशों के क्रिकेट प्रमुखों के बीच प्रस्तावित बैठक को रद्द करना पड़ा।

एक समाचार पत्र में पूर्व स्पिन गेंदबाज अब्दुल कादिर के हवाले से कहा, "दुर्भाग्य से भारत, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया की तिकड़ी ने क्रिकेट में समस्याएं पैदा कर दी हैं। अगर भारत इस समस्या का सम्मानजनक तरीके से समाधान चाहता है, वे किसी तीसरे देश में द्विपक्षीय सीरीज खेलने आ सकते हैं। लेकिन दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध खत्म नहीं होने चाहिए।"

शिवा सेना के उग्र प्रदर्शन के बावजूद पीसीबी अध्यक्ष ने सकारात्मक लहजे में कहा, "मैं यहां शशांक के आमंत्रण पर आया था और मेरे मन में यही बात थी कि हमने एक समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं और हमें उसका सम्मान करना चाहिए।" पीसीबी के पूर्व अध्यक्ष तौकीर जिया का मानना है कि भारत क्रिकेट में भी पाकिस्तान को अलग-थलग कर देना चाहता है।

तौकीर जिया ने कहा, "बातचीत में कोई बुराई नहीं है, लेकिन हमें अब चिरौरी करनी बंद कर देनी चाहिए। भारत की सरकार पाकिस्तान को एक देश के रूप में अलग-थलग कर देना चाहती है और इसी कारण से वे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट भी नहीं खेलना चाहते।"

इस बीच आईसीसी अध्यक्ष जहीर अब्बास ने घटनाक्रम पर नाखुशी जाहिर की है, हालांकि उन्होंने कहा है कि आईसीसी इस तरह के मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेव रिचर्डसन ने हालांकि शिव सेना के कार्य की निंदा की है।

(आईएएनएस)

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Saurabh Sharma
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