पिछले कुछ समय से चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेज़बानी को लेकर काफी शोर मचा हुआ था लेकिन अब ये शोर थम चुका है क्योंकि हमें पता चल चुका है कि 2025 में होने वाला ये आईसीसी इवेंट किस देश में होगा। जैसा कि सबको पता है कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेज़बानी पाकिस्तान को मिली हुई है और अब इसका आयोजन भी पाकिस्तान में ही होगा क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने (पीसीबी) ने शुक्रवार (15 दिसंबर) को दुबई में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के साथ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के मेजबानी होस्टिंग राइट्स पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
इसके साथ ही अब इन अटकलों पर भी विराम लग गया है कि ये इवेंट हाइब्रिड मॉडल या किसी और देश में हो सकता है। इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर के समय वर्तमान पीसीबी अध्यक्ष जका अशरफ उपस्थित थे और उनके साथ आईसीसी के जनरल काउंसिल जोनाथन हॉल भी शामिल थे। इस इवेंट की मेजबानी मिलना पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है क्योंकि देश ने 1996 वनडे वर्ल्ड कप के समापन के बाद से किसी भी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की है।
पाकिस्तान को इसकी मेज़बानी मिलने के साथ ही सभी की निगाहें पाकिस्तान में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों पर होंगी और इसलिए अशरफ और उनकी समिति यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि वो आने वाली अंतरराष्ट्रीय टीमों को पुख्ता सुरक्षा प्रदान करने में कोई कसर न छोड़ें।
पीसीबी ने अपने सोशल मीडिया के जरिए इस बारे में जानकारी दी और जारी विज्ञप्ति में कहा गया, "पीसीबी ने अपनी क्षमता से पहले ही सरकार को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए आने वाली अंतरराष्ट्रीय टीमों को फुलप्रूफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए सूचित कर दिया है। कार्यवाहक प्रधान मंत्री अनवर-उल-हक काकर ने हाल ही में पीसीबी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के साथ बैठक में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की सफल मेजबानी में सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग का आश्वासन दिया है।''
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हालांकि, बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने अभी तक इस आईसीसी इवेंट में भारत की भागीदारी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारतीय टीम पाकिस्तान में होने वाले इस आईसीसी इवेंट के लिए पड़ोसी देश का दौरा करता है या नहीं। 26/11 मुंबई हमले के बाद से दोनों एशियाई देशों (भारत और पाकिस्तान) के बीच द्विपक्षीय संबंध अच्छे नहीं रहे हैं और इसका असर दोनों बोर्डों के बीच क्रिकेट संबंधों पर भी पड़ा है। भारतीय क्रिकेट टीम ने 2008 एशिया कप में भाग लेने और फाइनल में श्रीलंका से हारने के बाद से पाकिस्तान की यात्रा नहीं की है।