4 दिसंबर। अगले साल साउथ अफ्रीका में होने वाले आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में प्रियम गर्ग भारत की कप्तानी करेंगे। यह विश्व कप 17 जनवरी से नौ फरवरी के बीच खेला जाएगा। अखिल भारतीय जूनियर चयन समिति ने सोमवार को 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। ध्रुव चंद जुरेल को टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया गया है।

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अंडर-19 विश्व कप के इस 13वें संस्करण में 16 टीमें हिस्सा लेंगी जिन्हें चार ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में शीर्ष दो टीमें सुपर लीग स्टेज के लिए क्वालीफाई करेंगे।

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भारत ने पिछले साल पृथ्वी शॉ की कप्तानी में यह खिताब जीता था। इस पर प्रियम की कप्तानी में भारत की कोशिश अपने खिताब को बचाए रखने की होगी। उसे ग्रुप-ए में न्यूजीलैंड, श्रीलंका और जापान के साथ रखा गया है।

प्रियम गर्ग का सफर रहा संघर्ष भरा, मां के निधन के बाद पिता ने दूध बेचकर बेटे का सपना किया पूरा

प्रियम गर्ग का सफर बेहद ही चुनौतिपूर्ण और संघर्ष भरा रहा है। प्रियम गर्ग जब केवल 11 साल के थे तब उनकी मां का देहांत हो गया था। मां के देहांत के बाद प्रियम गर्ग के पिता ने अपने बेटे की पूरी जिम्मेदारी निभाई।

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प्रियम गर्ग के पिता  नरेश गर्ग  बेहद ही गरीब थे।  नरेश गर्ग  घर - घर दूध बेचकर अपने बेटे और खुद का पालन पोषण करते थे। इतना ही नहीं पिता  नरेश गर्ग  दोपहर में स्कूल वैन चलाया करते थे जिससे बेेटे प्रियम को किसी भी चीज की कमी नहीं हो।

प्रियम गर्ग बचपन में गली क्रिकेट खेला करते थे। बचपन से ही प्रियम गर्ग को क्रिकेट खेलने का शौक था। ऐसे में एक दफा प्रियम ने अपने पिता से स्टेडियम में जाकर क्रिकेट खेलने की बात की लेकिन पिता की आर्थिक स्थिती अच्छी नहीं होने के कारण उन्होंने बेटे के इस बात को नहीं माना।  पिता के मना करने के प्रियम गर्ग निराश जरूर हुए लेकिन उन्होंने क्रिकेट खेलना बंद नहीं किया। 

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मामा ने देखा प्रियम को क्रिकेट खेलते 
एक दिन प्रियम को क्रिकेट खेलता हुए मामा ने देखा । प्रियम की बल्लेबाजी देख मामा बेहद ही खुश हुए और फिर उन्होंने प्रियम के पिता से बेटे को स्टेडियम में जाकर खेलने की बात करने लगे। मामा के समझाने के बाद नरेश गर्ग ने बेटे प्रियम को स्टेडियम में खेलने की इजाजत दे दी।

इसके बाद प्रियम स्टेडियम में जाकर क्रिकेट खेलने लगे और कड़ी मेहनत की। महज 12 साल की उम्र में प्रियम मेरठ के विक्टोरिया स्टेडियम में जाकर अभ्यास करते थे। अभ्यास करने के क्रम में प्रियम ने अपने कोच का भी दिल जीत लिया और फिर जाकर 12 साल की उम्र में ही  अंडर 14 टीम में चुने गए जहां उन्होंने दो बार दोहरा शतक ठोका। यहां से फिर प्रियम के करियर ने रफ्तार पकड़ी।

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प्रियम गर्ग ने अबतक 11 फर्स्ट क्लास मैचों में 67.83 के औसत से 814 रन बनाए हैं जिसमें दो दोहरे शतक है और साथ ही अंडर 14, अंडर 16 और रणजी ट्रॉफी में 2-2 दोहरे शतक जमाने का कमाल प्रियम गर्ग कर चुके हैं। प्रियम गर्ग के परफॉर्मेंस को देखकर उन्हें हर कोई भारत का अगला विराट कोहली कह रहा है।

लेखक के बारे में

Vishal Bhagat
Vishal Bhagat - A cricket lover, Vishal is covering cricket for the last 5 years and has worked with the Dainik Bhaskar group in the past. He keeps a sharp eye on the record being made in the cricket world and takes no time to present it to the viewers in the form of articles. Read More
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