पेरिस ओलंपिक 2024 में विनेश फोगाट को 50 किलोग्राम वर्ग के कुश्ती फाइनल से पहले अधिक वजन होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया। विनेश को डिस्क्वालिफाई किए जाने के बाद करोड़ों हिंदुस्तानी फैंस उनके समर्थन में आवाज़ उठाते दिखे। यहां तक कि संसद तक में इस मुद्दे को उठाया गया और अब क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने भी विनेश के हक में अपनी आवाज़ बुलंद की है।

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सचिन ने मांग की है कि विनेश फोगट को रजत पदक दिया जाना चाहिए। फाइनल में अयोग्य करार दिए जाने के बाद विनेश ने संन्यास की घोषणा भी कर दी और कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ऑफ स्पोर्ट (CAS) में इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की। याचिका की प्रक्रिया 8 अगस्त को स्वीकार कर ली गई और सुनवाई जारी है।

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तेंदुलकर ने इस मामले पर अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा कि अब अंपायर्स कॉल का वक्त आ गया है। उन्होंने लिखा, "हर खेल के नियम होते हैं और उन नियमों को संदर्भ में देखा जाना चाहिए, शायद कभी-कभी उन पर पुनर्विचार भी किया जाना चाहिए। विनेश फोगाट ने फाइनल के लिए निष्पक्ष और स्पष्ट रूप से क्वालीफाई किया। वजन के आधार पर उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना, फाइनल से पहले था और इसलिए, उनसे रजत पदक छीन लिया जाना तर्क और खेल भावना के विरुद्ध है।"

आगे सचिन ने लिखा, "ये समझ में आता अगर किसी एथलीट को प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाओं के उपयोग जैसे नैतिक उल्लंघनों के लिए अयोग्य घोषित किया जाता। उस स्थिति में, कोई भी पदक न दिया जाना और अंतिम स्थान पर रखा जाना न्यायोचित होगा। हालांकि, विनेश ने शीर्ष दो में पहुंचने के लिए अपने प्रतिद्वंद्वियों को निष्पक्ष रूप से हराया। वो निश्चित रूप से रजत पदक की हकदार है। जबकि हम सभी खेल पंचाट न्यायालय के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, हमें उम्मीद करनी चाहिए और प्रार्थना करनी चाहिए कि विनेश को वो पहचान मिले जिसकी वो हकदार है।"

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Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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