Simon Harmer: साउथ अफ्रीका की रावलपिंडी में पाकिस्तान के विरुद्ध दूसरे टेस्ट में 8 विकेट से सीरीज बराबर करने वाली जीत में, केशव महाराज ने 9-136 और साइमन हार्मर ने 8-125 की गेंदबाजी। पाकिस्तान की बल्लेबाजी को बांधे रखा दोनों ने। चौथे दिन, जब हार्मर ने नोमान अली का विकेट लिया तो ये उनके लिए एक ख़ास रिकॉर्ड वाला विकेट था- फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका 1000 वां विकेट। 

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जब से लिमिटेड ओवर क्रिकेट, धीरे-धीरे क्रिकेट कैलेंडर का बड़ा हिस्सा बनी है, फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलना कम होता जा रहा है और नतीजा ये कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1000 विकेट लेने जैसे रिकॉर्ड दुर्लभ हो गए। ठीक वैसे ही जैसे किसी बल्लेबाज के फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 100 का 100 दर्ज करना मुश्किल हो गया। सचिन तेंदुलकर ने भी इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 का 100 तो दर्ज किया, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ऐसा नहीं कर सके। 

यही वजह कि कई क्रिकेट पंडितों का मानना है कि साउथ अफ्रीका और एसेक्स के स्पिनर साइमन हार्मर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1000 विकेट लेने वाले आखिरी खिलाड़ी हो सकते हैं। इसमें कोई  शक नहीं है कि जब कुछ साल पहले हेराथ इस रिकॉर्ड पर पहुंचे और उसके बाद जब जेम्स एंडरसन ने इस जादुई गिनती को छुआ, तो इसी तरह की भावना जाहिर की थी कि इनके बाद किसी के भी विकेट की इस एवरेस्ट पर पहुंचने की उम्मीद कम है पर देख लीजिए हार्मर पहुंच ही गए। ऐसा रिकॉर्ड बनने की उम्मीद कम होने में सबसे बड़ी भूमिका इंग्लिश काउंटी क्रिकेट सीजन के लगातार छोटा होते जाने की रही है। 

साइमन हार्मर, 1000 फर्स्ट क्लास विकेट लेने वाले चौथे साउथ अफ्रीकी हैं। अन्य तीन: चार्ली लेवेलिन, माइक प्रोक्टर और एलन डोनाल्ड। कुल मिलाकर, हार्मर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1000 विकेट लेने वाले 217 वें गेंदबाज हैं, लेकिन 2021 के बाद से पहले। विकेट की लिस्ट में टॉप पर विल्फ्रेड रोड्स हैं- 16.72 की औसत से 4204 विकेट हैं उनके नाम। 

1000 विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाने वालों की गिनती में, हाल के सालों में आई कमी, इस फैक्ट से भी स्पष्ट हो जाएगी कि 1950 के दशक से लगातार तीन दशक में, कम से कम 20 गेंदबाजों ने ये रिकॉर्ड बनाया (1960 के दशक में तो सबसे ज्यादा 25 ने और उन सालों में एक काउंटी सीज़न में एक टीम ने 30 से भी ज्यादा मैच खेले) जबकि 2010 के दशक में तो सिर्फ 3 गेंदबाज ने ही ये रिकॉर्ड दर्ज किया। 2020 के दशक की बात करें तो अब तक सिर्फ एंडरसन और हार्मर ही इस जादुई रिकॉर्ड तक पहुंचे हैं। इस समय काउंटी चैंपियनशिप में एक सीजन में एक टीम सिर्फ 14 मैच खेलती है।  

जिन कुल 217 के नाम ये 1000 विकेट का रिकॉर्ड है, उनमें से सिर्फ 15 ने इस शताब्दी में इसे हासिल किया। इनमे नाम (करियर विकेट की गिनती के क्रम में):

मुश्ताक अहमद (1407 विकेट, 25.67 औसत)

मुथैया मुरलीधरन (1374, 19.64)

शेन वार्न (1319, 26.11) 

एंडी कैडिक (1180, 26.59) 

रॉबर्ट क्रॉफ्ट (1175, 35.08)

जेम्स एंडरसन (1143, 24.54)

अनिल कुंबले (1136, 25.83)

रंगना हेराथ (1080, 25.15) 

मार्टिन बिकनेल (1061, 25.06)

फिल टफनेल (1057, 29.35)

डेवोन मैल्कॉम (1054, 30.33) 

वसीम अकरम (1042, 21.64) 

दानिश कनेरिया (1023, 26.18) 

दीनुका हेटियाराच्ची (1001, 23.51)

एसई हार्मर (1000, 26.34)

संयोग से, इनमें से सिर्फ एंडरसन और हार्मर ने इस शताब्दी में ही अपना करियर शुरू किया और रिकॉर्ड बनाया। वे सभी, जिनके नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1000 विकेट का रिकॉर्ड है, इंग्लिश काउंटी क्रिकेट सीज़न में खेलकर ही ऐसा कर सके। बिशन सिंह बेदी ये रिकॉर्ड बनाने वाले पहले भारतीय गेंदबाज थे और काउंटी सीजन में खेलने की वजह से ही ऐसा कर पाए। हार्मर भी 1000 विकेट क्लब में इसीलिए शामिल हो पाए क्योंकि इंग्लिश समर में एसेक्स के लिए कोलपैक खिलाड़ी के तौर पर खेले। तब वे चूंकि साउथ अफ्रीका के लिए खेल नहीं सकते थे तो नतीजा ये रहा कि ध्यान फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने पर ज्यादा रहा। उनके करियर प्रोफाइल में सिर्फ 12 टेस्ट हैं। 

अब अगला सवाल ये कि अगर आगे किसी ने ये रिकॉर्ड बनाया तो वह कौन हो सकता है? साइमन हार्मर के बाद, 1000 विकेट तक पहुंचने के सबसे करीब श्रीलंका के मलिंडा पुष्पाकुमारा हैं। अब उम्र 38 साल और 980 फर्स्ट क्लास क्रिकेट विकेट लिए हैं। अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मैच फरवरी 2025 में खेला था। क्या वे 20 विकेट और लेंगे जबकि मैच कम खेल रहे हैं। अन्य टॉप, इस समय एक्टिव खिलाड़ी जो 1000 विकेट का रिकॉर्ड बना सकते हैं: नाथन लियोन 847, पाकिस्तान के मोहम्मद अब्बास 820, चनाका कोमसारू 749 और काइल एबॉट 708 विकेट। 

जो वास्तव में एक्टिव हैं, उन गेंदबाज में, इस रिकॉर्ड के सबसे जोरदार दावेदार पाकिस्तान के मोहम्मद अब्बास हैं। इस समय उम्र 36 साल से कम। वे फर्स्ट क्लास क्रिकेट पर इसलिए ध्यान लगा सके क्योंकि पाकिस्तान ने उन्हें वाइट बॉल इंटरनेशनल क्रिकेट के नाम पर सिर्फ 3 वनडे में खिलाया। इंग्लिश क्रिकेट में भी खेले हैम्पशायर और लेस्टरशायर के लिए।

2021 में ये रिकॉर्ड बनाने के बाद, एंडरसन ने कहा था, '1000 विकेट वाकई बहुत ज़्यादा लगते हैं। आज के ज़माने में, मुझे नहीं पता कि इतने सारे फर्स्ट क्लास विकेट लेना अब संभव है या नहीं। जितना क्रिकेट खेला जाता है उसमें गेंदबाजों के लिए ज्यादा मौके नहीं रहे। दुनिया भर में ढेर सारा टी20 क्रिकेट खेला जा रहा है।'

एंडरसन ने जो कहा वह गलत नहीं था। 

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चरनपाल सिंह सोबती

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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