ओडिशा के दृष्टिबाधित क्रिकेट एसोसिएशन (सीएवीआई) के अध्यक्ष मो. जफर इकबाल ने भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम को पहला टी20 विश्व कप जीतने की बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हमने जो प्रयास किया था, उसमें हमारी लड़कियां पूरी तरह खड़ी उतरी हैं, और श्रीलंका से विश्व कप जीतकर लौटी हैं। इससे हम खुश हैं। इकबाल ने भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली ओडिशा की खिलाड़ियों खासकर टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाली 4 आदिवासी लड़कियों के प्रदर्शन पर बहुत गर्व जताया।
आईएएनएस से बात करते हुए जफर इकबाल ने कहा, "मुझे विशेष खुशी इस बात की है कि चैंपियन टीम में ओडिशा की चार लड़कियां हैं। हम 2017 से ही ओडिशा में महिला क्रिकेट को मजबूत करने का इरादा लेकर चले थे। शुरुआत में हमने स्कूलों में जा-जाकर बच्चियों का चयन किया और उन्हें प्रशिक्षण देने का काम किया। उस समय पेरेंट्स जल्दी तैयार नहीं होते है। दृष्टिबाधित होने और लड़की होने के कारण सुरक्षा की वजह से पेरेंट्स हिचक रहे थे। काफी समझाने के बाद सभी तैयार हुए। मौजूदा समय में लड़कियां आगे आ रही हैं।"
उन्होंने कहा कि पहली बार 2023 में भारतीय टीम बनी थी। उस समय ओडिशा की 4 लड़कियां टीम का हिस्सा थीं। इंग्लैंड में पुरुष और महिला दोनों टीम गई थी। महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीता था, जबकि पुरुष टीम ने रजत पदक जीता था। मैं सौभाग्यशाली हूं कि उस टीम का हिस्सा था। उस समय से ही महिला ब्लाइंड टीम के उत्थान की प्रक्रिया शुरू हुई। लोगों को टीम में विश्वास जगा।
आईएएनएस से बात करते हुए जफर इकबाल ने कहा, "मुझे विशेष खुशी इस बात की है कि चैंपियन टीम में ओडिशा की चार लड़कियां हैं। हम 2017 से ही ओडिशा में महिला क्रिकेट को मजबूत करने का इरादा लेकर चले थे। शुरुआत में हमने स्कूलों में जा-जाकर बच्चियों का चयन किया और उन्हें प्रशिक्षण देने का काम किया। उस समय पेरेंट्स जल्दी तैयार नहीं होते है। दृष्टिबाधित होने और लड़की होने के कारण सुरक्षा की वजह से पेरेंट्स हिचक रहे थे। काफी समझाने के बाद सभी तैयार हुए। मौजूदा समय में लड़कियां आगे आ रही हैं।"
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उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों के पास अभ्यास के लिए स्टेडियम की सुविधा नहीं है। इसके लिए विशेष जगह एकत्रित होना पड़ता है। ऐसे में हम सभी खिलाड़ियों से अपनी फिटनेस को बनाए रखने की अपील करते हैं। विश्व कप में भारत की जीत के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री ने दृष्टिबाधित क्रिकेटरों के लिए राज्य में अकेडमी बनाने का आश्वासन दिया है। यह बहुत बड़ा कदम साबित हो सकता है। मुझे लगता है कि अकेडमी बनने के बाद ओडिशा से अनेकों ब्लाइंड क्रिकेटर निकलेंगे।"