इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होगी, जिससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज नुवान तुषारा आगामी सीजन में खेलना मुश्किल नजर आ रहा है। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने सख्त फिटनेस पॉलिसी लागू होने के बाद उन्हें 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (एनओसी) देने से इनकार कर दिया है।
तुषारा के लिए, आईपीएल से बाहर रहना उनके करियर की प्रगति और आर्थिक अवसरों, दोनों के लिए एक बड़ा झटका है। नए नियमों के तहत, एसएलसी ने आईपीएल और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) जैसी विदेशी फ्रेंचाइजी लीग में हिस्सा लेने के लिए मंजूरी मिलने से पहले खिलाड़ियों के लिए नए तय किए गए शारीरिक प्रदर्शन के मानकों को पूरा करना अनिवार्य कर दिया है। तुषारा इन जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर पाए।
'न्यूजवायर श्रीलंका' के अनुसार, एसएलसी ने एनओसी रोक दी है। इस फैसले से नुवान तुषारा को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट गंवाना पड़ सकता है, जिसकी कीमत कथित तौर पर लगभग 1.6 करोड़ रुपए है।
तुषारा श्रीलंका के एशिया कप 2025 अभियान में अहम भूमिका में थे, लेकिन उसके बाद टी20 विश्व कप से पहले उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। तेज गेंदबाजों में चोटों की एक के बाद एक घटनाओं के बावजूद, उन्हें टीम में चुनने के लिए नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे राष्ट्रीय टीम में उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुषारा फिलहाल चोटिल नहीं है। वह गेंदबाजी करने के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन उनकी पूरी फिटनेस को लेकर उठे संदेहों ने चयनकर्ताओं के सख्त रवैये को प्रभावित किया है।
तुषारा श्रीलंका के एशिया कप 2025 अभियान में अहम भूमिका में थे, लेकिन उसके बाद टी20 विश्व कप से पहले उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। तेज गेंदबाजों में चोटों की एक के बाद एक घटनाओं के बावजूद, उन्हें टीम में चुनने के लिए नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे राष्ट्रीय टीम में उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
Also Read: LIVE Cricket Score
इसके विपरीत, कुसल जनिथ परेरा को बिना फिटनेस टेस्ट दिए पीएसएल में शामिल होने की अनुमति दे दी गई। एसएलसी ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल राष्ट्रीय टीम में चयन की दौड़ में शामिल नहीं हैं।