आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 की टूर्नामेंट निदेशक बेथ बैरेट-वाइल्ड ने कहा है कि वे महिला क्रिकेट में गतिशीलता बनाए रखने के लिए एक ब्लूप्रिंट पर काम कर रही हैं। यह बात उन्होंने 2017 महिला वनडे विश्व कप से सीखी थी। वाइल्ड ने कहा कि एक बार मांग पैदा होने के बाद, उसे पूर्ति के साथ बेहतर बनाना जरूरी है।

Advertisement

महिला टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत से पहले आईएएनएस से खास बातचीत में वाइल्ड ने कहा, "2017 वनडे विश्व कप से सबसे बड़ी सीख यह मिली थी कि नए फैन्स के लिए महिला क्रिकेट देखने का कोई आगे का रास्ता नहीं था। मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत भाग्यशाली थी कि मुझे 2017 महिला 50-ओवर क्रिकेट विश्व कप में काम करने का मौका मिला, जिसकी मेजबानी हमने की थी। हमारा काम पर्दे के पीछे का था और कोशिश यह थी कि हम उस पल का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकें, जिसे हमने फाइनल तक जारी रखा।"

Advertisement

उन्होंने कहा, "लॉर्ड्स में इंग्लैंड बनाम भारत का फाइनल (2017 महिला वनडे विश्व कप), जिसके सारे टिकट बिक गए थे, इंग्लैंड में शायद पहला मौका था जब हमने क्रिकेट जैसे पुरुषों के दबदबे वाले खेल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर आगे बढ़ते और देश के लोगों का दिल जीतते देखा। फाइनल के सभी टिकट बिक जाने से यह साबित हो गया कि अगर आप महिला क्रिकेट को चमकने का मौका दें, उसकी सही मार्केटिंग करें और टिकट बेचने की अच्छी रणनीति अपनाएं, तो ऐसे दर्शक मौजूद हैं जो इसे देखना चाहते हैं। वह बड़ा फाइनल मैच होना बहुत जरूरी था।"

बेथ ने माना कि 2017 के वनडे विश्व कप में जीत के बाद इंग्लैंड की महिला टीम के लिए मैचों के बीच काफी लंबा गैप आ गया था। उस मोमेंटम को बनाए रखने के मामले में एक अहम बात यह थी कि इंग्लैंड की महिला टीम ने उस गर्मी में कोई और मैच नहीं खेला था।

उन्होंने कहा, "हमने वह फाइनल खेला, इंग्लैंड की महिला टीम को लोगों का बहुत प्यार और ध्यान मिला। लेकिन फिर हमारे पास उन फैन्स को आगे मैच देखने और इंग्लैंड की महिला टीम को फॉलो करते रहने के लिए कोई रास्ता या जानकारी नहीं थी। इस बार, ईसीबी ने मैचों का एक बहुत अच्छा शेड्यूल तैयार किया है। 5 जुलाई को लॉर्ड्स में टी20 विश्व कप का फाइनल होगा और उसके ठीक पांच दिन बाद 10 जुलाई से भारत और इंग्लैंड की महिला टीम के बीच टेस्ट शुरू होगा। इसके बाद 17 जुलाई को ओवल में वाइटैलिटी ब्लास्ट महिला टी20 फाइनल डे होगा, और फिर 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट शुरू होगा। इसे लोगों को आकर्षित करने के एक मौके के तौर पर बहुत सोच-समझकर चुना गया है। इससे मैं बहुत उत्साहित हूं।"

बेथ ने आगे कहा, "इस विमेंस टी20 विश्व कप का स्तर पहले से कहीं ज्यादा मजबूत, बेहतर और जबरदस्त होगा। हिस्सा ले रहे 12 देशों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है। विश्व कप के बाद होने वाले 'द हंड्रेड' को लेकर फैंस के बीच ज्यादा आकर्षण होगा। इस टूर्नामेंट में विश्व कप में हिस्सा ले रही कई देशों के खिलाड़ियों के शामिल होने की उम्मीद है।"

Advertisement

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि 5 जुलाई को जो भी टीमें फाइनल में पहुंचेंगी, उनमें से कुछ खिलाड़ी - चाहे वे इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, भारत, ऑस्ट्रेलिया या वेस्टइंडीज से हों - 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट में भी खेलेंगी। इसलिए उन खिलाड़ियों के बीच बनी जान-पहचान, कनेक्शन और जुड़ाव उस टूर्नामेंट में भी जारी रहेगा।"

बेथ ने कहा, "मुझे लगता है कि 2017 से मिली सबसे बड़ी सीख यही है कि एक बार जब आप डिमांड पैदा कर लेते हैं, तो बाद में सप्लाई के जरिए उसका सही फायदा उठाएं और जरूरी चीजें या पड़ाव तय करें। अगर हम आगे की बात करें, तो 2027 में हमारे लिए अच्छी बात यह है कि हमें फिर से विमेंस एशेज देखने को मिलेगी। जब हम उस मोमेंटम को बनाए रखने की बात करते हैं, तो इसका मतलब सिर्फ 2026 में ही उस रफ्तार को बनाए रखना नहीं है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के साथ अगली गर्मी में भी उस लय को बनाए रखना ईसीबी के लिए बहुत जरूरी है, ताकि महिला क्रिकेट की फैन फॉलोइंग को और बढ़ाया जा सके।"

इंग्लैंड में महिला क्रिकेट में समान वेतन और महिला घरेलू क्रिकेट संरचना में बदलाव देखने वाली बेथ ने बताया कि कैसे ईसीबी ने 2026 और 2027 में महिला क्रिकेट के लिए योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि हर कोई चाहता था कि हम 2026 विमेंस टी20 विश्व कप की मेजबानी करें, क्योंकि यह 2027 में होने वाली एशेज सीरीज से ठीक पहले की हमारी स्थिति के हिसाब से बिल्कुल सही है।

Advertisement

उन्होंने इंग्लैंड में महिला खेलों की सफलता की व्यापक लहर का जिक्र करते हुए कहा कि 2022 में वेम्बली में 'लायोनेसिस' का यूईएफए विमेंस यूरो जीतना और 2025 में ट्विकेनहम में घरेलू मैदान पर 'रेड रोजेज' का विमेंस रग्बी वर्ल्ड कप जीतना बेहद अहम रहा।

बेथ ने बताया कि अब ग्रासरूट लेवल से लेकर शीर्ष पेशेवर स्तर तक का रास्ता बन गया है - ऐसा स्ट्रक्चर 2017 में बिल्कुल नहीं था। 2017 की बात करें तो, मुझे लगता है कि हमारे पास सिर्फ 15 पेशेवर महिला क्रिकेटर थीं, जो सिर्फ इंग्लैंड की महिला टीम का हिस्सा थीं। अब हमारे देश में 150 से ज्यादा पेशेवर महिला क्रिकेटर हैं क्योंकि हमारे पास महिलाओं के लिए एक पूरी तरह से पेशेवर घरेलू संरचना है। हमारे पास नौ पेशेवर महिला टीमें हैं। इसके अलावा, नौ सेमी-पेशेवर और टीमें और उनके नीचे एक और बेस लेवल भी है।

उन्होंने इंग्लैंड में महिला खेलों की सफलता की व्यापक लहर का जिक्र करते हुए कहा कि 2022 में वेम्बली में 'लायोनेसिस' का यूईएफए विमेंस यूरो जीतना और 2025 में ट्विकेनहम में घरेलू मैदान पर 'रेड रोजेज' का विमेंस रग्बी वर्ल्ड कप जीतना बेहद अहम रहा।

Also Read: LIVE Cricket Score
Advertisement

बेथ ने कहा, "मौजूदा समय में हमारे पास एक रास्ता है जिस पर चल कर हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे बढ़ सकें और पेशेवर क्रिकेटर बनने का सपना देख सकें। 2017 में शायद ऐसा नहीं था, हम उस स्तर पर नहीं थे।"

Article Source: IANS

लेखक के बारे में

IANS News
IANS is one of the largest independent private Indian news agency in India. Founded in the year 1986 by Indian American publisher Gopal Raju as the "India Abroad News Service" and later renamed. Their main offices are located in Noida, Uttar Pradesh. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार