'जब हॉस्पिटल में था, तब एहसास हुआ कि यह गंभीर है', श्रेयस अय्यर ने स्प्लीन इंजरी को 'बेहद दर्दनाक' बताया
इसके बाद अय्यर ने घरेलू क्रिकेट के साथ क्रिकेट मैदान पर वापसी की। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 82 और 45 रन की पारियां खेलीं, जिसके बाद उन्हें न्यूजीलैंड के विरुद्ध वनडे सीरीज के लिए चुना गया। अय्यर ने सीरीज के पहले मैच में 49 रन बनाए, जिसकी मदद से टीम इंडिया ने मुकाबला अपने नाम किया।
अय्यर ने राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में दूसरे वनडे से पहले ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में कहा, "यह दर्दनाक था, बहुत ज्यादा दर्दनाक। मुझे एहसास नहीं हुआ कि वह चोट कितनी गंभीर थी। मुझे पता नहीं चला कि स्प्लीन हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह एक अंग है। मुझे तो इस शब्द के बारे में पता भी नहीं था। फिर अगले दिन जब मुझे हॉस्पिटल में एडमिट किया गया, उसके बाद मुझे एहसास हुआ कि यह एक गंभीर चोट थी। उस दिन मुझे 'स्प्लीन' शब्द के बारे में पता चला।"
इसके बाद अय्यर ने घरेलू क्रिकेट के साथ क्रिकेट मैदान पर वापसी की। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 82 और 45 रन की पारियां खेलीं, जिसके बाद उन्हें न्यूजीलैंड के विरुद्ध वनडे सीरीज के लिए चुना गया। अय्यर ने सीरीज के पहले मैच में 49 रन बनाए, जिसकी मदद से टीम इंडिया ने मुकाबला अपने नाम किया।
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जब उनसे पूछा गया कि क्या वापसी के बाद से वह बड़े शॉट्स के लिए ज्यादा कोशिश कर रहे हैं, तो अय्यर ने कहा कि यह जानबूझकर नहीं बल्कि स्वाभाविक था। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो, मैं कुछ भी करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। यह बस मेरी मूल प्रवृत्ति है। मैं नेट्स में जितनी ज्यादा प्रैक्टिस करता हूं, मैच में खेलना उतना ही आसान हो जाता है। नेट्स में भी, मैं यह तय नहीं करता कि किसी खास एरिया को टारगेट करूंगा या बॉलर्स पर अटैक करूंगा। मुझे उस पल में रहना पसंद है और मैंने तय किया है कि अगर गेंद मेरे एरिया में आएगी, तो मैं उस पर अटैक करूंगा।"