T20 World Cup Final: भले ही भारत के विश्व कप विजेता बनने के साथ टी20 वर्ल्ड कप 2026 खत्म हो गया है, लेकिन 28 मार्च से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के साथ क्रिकेट का यह फॉर्मेट एक बार फिर से फैंस को लुभाने के लिए तैयार है। टी20 क्रिकेट को इतना अधिक लोकप्रिय बनने में करीब दो दशक लगे हैं। आइए, इसके पीछे की दिलचस्प कहानी के बारे में जानते हैं।

Advertisement

टी20 क्रिकेट की शुरुआत खेल को तेज, रोमांचक और दर्शकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से हुई थी। पारंपरिक टेस्ट और वनडे की लंबी अवधि के मुकाबलों की तुलना में यह छोटा प्रारूप तेजी से लोकप्रिय हुआ, जिसमें आक्रामक बल्लेबाजी, तेज गेंदबाजी और फुर्तीली फील्डिंग का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है।

Advertisement

टी20 फॉर्मेट की शुरुआत का श्रेय इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव स्टुअर्ट रॉबर्टसन को जाता है, जिनकी सोच ने 21वीं सदी में वर्ल्ड क्रिकेट को एक नई पहचान दिलाई। 21वीं सदी की शुरुआत तक काउंटी मुकाबलों में दर्शकों की मौजूदगी में करीब 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। अधिकारी परेशान थे कि इस खेल के पारंपिक दर्शक आखिर क्यों क्रिकेट के प्रति उतना आकर्षित नहीं हो रहे हैं। चिंता यह भी थी कि क्रिकेट के नए फैंस कहां से आएंगे?

स्टुअर्ट रॉबर्टसन को एक मार्केट रिसर्च सर्वे का जिम्मा सौंपा गया, जिसमें कथित तौर पर ढाई लाख पाउंड का खर्चा आया, हालांकि इतने भारी खर्चे का फायदा भी क्रिकेट जगत को मिला। इस सर्वे ने क्रिकेट की इमेज से जुड़ी समस्या की गहराई को सभी के सामने ला दिया।

सर्वे से पता चला कि ज्यादातर क्रिकेट मैच उस समय खेल जा रहे हैं, जब लोग दूसरे कामों में व्यस्त होते थे। फैंस के पास मैच का नतीजा जानने के लिए ज्यादा वक्त नहीं था। उस दौर में क्रिकेट का सबसे छोटा फॉर्मेट भी पूरा दिन ले लेता था।

वनडे मुकाबलों में शुरुआती 15 ओवरों के बाद जब फील्डिंग पर लगी पाबंदियां हट जाती थीं, तो उसके बाद से 45वें ओवरों के बीच खिलाड़ी सिंगल-डबल लेकर स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाते थे। यानी ये बीच के ओवर उनके लिए काफी नीरस होते थे। ऐसे में रॉबर्टसन ने सुझाव दिया कि बीच के उन ओवर्स को ही हटा दिया जाए, तो खेल मजेदार बन सकता है। इससे मैच 7-8 घंटे के बजाय करीब 3 घंटों में ही खत्म हो जाएगा। यह शाम में खेला जा सकता था, जब तक लोग अपने काम निबटा लेते थे और बच्चे अपना होमवर्क खत्म कर चुके होते थे।

Advertisement

स्टुअर्ट रॉबर्टसन ने इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के साथ मिलकर काम किया और आखिरकार एक 20-ओवरों के टूर्नामेंट के लिए काउंटी चेयरमैन के सामने वोटिंग के लिए रखा गया। यह टूर्नामेंट बेंसन एंड हेजेस कप की जगह लेने वाला था। इसे अपनाने के पक्ष में 11-7 की वोटिंग हुई।

13 जून 2003 को ईसीबी ने काउंटी क्रिकेट में इस फॉर्मेट की शुरुआत की, जिसे काफी पसंद किया गया। पहला घरेलू मैच हैंपशायर हॉक्स और ससेक्स शार्क के बीच खेला गया, जिसे हॉक्स ने 5 रन से अपने नाम किया था।

टी20 क्रिकेट के शुरुआती दौर में कई दिग्गज खिलाड़ियों ने इस प्रारूप को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। एंड्रयू साइमंड्स, क्रिस गेल, ब्रैंडन मैक्कुलम, शाहिद अफरीदी और एबी डिविलियर्स जैसे बल्लेबाज अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे। वहीं, लसिथ मलिंगा और डेल स्टेन जैसे गेंदबाजों ने भी टी20 में अपनी खास पहचान बनाई।

Advertisement

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला टी20 मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच 17 फरवरी 2005 को खेल गया था, जबकि भारत ने 1 दिसंबर 2006 को अपना पहला टी20 मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था, जिसे 6 विकेट से जीता। पहला टी20 वर्ल्ड कप साल 2007 में आयोजित किया गया, जिसमें भारत चैंपियन बना।

टी20 क्रिकेट के शुरुआती दौर में कई दिग्गज खिलाड़ियों ने इस प्रारूप को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। एंड्रयू साइमंड्स, क्रिस गेल, ब्रैंडन मैक्कुलम, शाहिद अफरीदी और एबी डिविलियर्स जैसे बल्लेबाज अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे। वहीं, लसिथ मलिंगा और डेल स्टेन जैसे गेंदबाजों ने भी टी20 में अपनी खास पहचान बनाई।

Also Read: LIVE Cricket Score

टी20 प्रारूप ने न सिर्फ इस खेल को लोकप्रिय बनाया, बल्कि दर्शकों की घटती लोकप्रियता के बीच इसे नया जीवन भी दिया। यही वजह है कि आज के दौर में यह फॉर्मेट अपनी चमक बिखेर रहा है।

Article Source: IANS
Advertisement

लेखक के बारे में

IANS News
IANS is one of the largest independent private Indian news agency in India. Founded in the year 1986 by Indian American publisher Gopal Raju as the "India Abroad News Service" and later renamed. Their main offices are located in Noida, Uttar Pradesh. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार