आरसीबी के स्टार क्रिकेटर यश दयाल ने आखिरकार एक महिला द्वारा उन पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है और एफआईआर को चैलेंज देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दयाल ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख किया है।

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कुछ दिन पहले ही गाजियाबाद पुलिस ने उन पर शादी का झांसा देकर एक महिला का 'मानसिक और शारीरिक' शोषण करने का आरोप लगाया था। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने क्रिकेटर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 69 (शादी का झूठा वादा सहित धोखे से यौन संबंध बनाना) के तहत मामला दर्ज किया था। अपनी याचिका में, क्रिकेटर ने महिला के साथ किसी भी तरह के शारीरिक संबंध होने से इनकार किया है।

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दयाल ने प्रयागराज पुलिस में एफआईआर दर्ज कराते हुए जवाबी शिकायत दर्ज कराई है। दयाल ने आरोप लगाया है कि महिला ने उनका आईफोन और लैपटॉप चुरा लिया और उन्हें गलत जानकारी देकर उनसे पैसे उधार लिए। रिपोर्ट के अनुसार याचिका में कहा गया है, "एफआईआर के अनुसार, पीड़िता ने स्वीकार किया है कि याचिकाकर्ता के माता-पिता ने उसके साथ बहू जैसा व्यवहार किया, जिसका अर्थ है कि याचिकाकर्ता का इरादा उसे धोखा देने का कभी नहीं था। हालांकि, समय के साथ पीड़िता का रवैया बदल गया और याचिकाकर्ता को एहसास हुआ कि वो उससे शादी नहीं कर पाएगा। इसलिए, उसने रिश्ता खत्म करने का फैसला किया।"

याचिका में आगे कहा गया है कि अगर महिला का बयान सच भी है, तो ये उससे शादी करने के वादे को पूरा न करने का मामला बनता है, न कि झूठा वादा। रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में ये भी स्पष्ट किया गया है कि दयाल ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ दोस्ती या रिश्ता नहीं बनाया था। याचिका में कहा गया है, "ये आपसी दोस्ती थी, जो बाद में पीड़िता की वजह से बिगड़ गई।"

इससे पहले, महिला ने ये भी कहा था कि उसके पास चैट रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट, वीडियो कॉल और तस्वीरों के रूप में दयाल के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और उसने आरोप लगाया कि दयाल ने उसे अपने माता-पिता और रिश्तेदारों से अपनी बहू के रूप में मिलवाया था।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पोर्टल पर संबंधित पुलिस स्टेशन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेजे गए संदेश में कहा गया है, "पिछले 5 सालों से, शिकायतकर्ता महिला क्रिकेटर के साथ रिश्ते में थी। उस व्यक्ति ने शादी का वादा करके उसे गुमराह करके उसका भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक शोषण किया। उसने शिकायतकर्ता को अपने परिवार से मिलवाया और पति जैसा व्यवहार किया, जिससे महिला उस पर पूरी तरह भरोसा करने लगी। जब शिकायतकर्ता को धोखे का एहसास हुआ और उसने विरोध किया, तो उसके साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया गया। रिश्ते के दौरान, शिकायतकर्ता का आर्थिक और भावनात्मक शोषण भी किया गया।"

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लेखक के बारे में

Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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